जल गंगा संवर्धन अभियान में लक्ष्य से ज्यादा सफलता
मप्र में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में पहली बार खेत तालाब, अमृत सरोवर और डगवेल रिचार्ज में आधुनिक तकनीक के प्रयोग से अभियान खत्म होने के 9 दिन पहले तय लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। मनरेगा परिषद ने सिपरी साॅफ्टवेयर, एआई और प्लानर साॅफ्टवेयर का उपयोग किया है। डैशबोर्ड बनाकर डाटा को एआई से विश्लेषित कर सीधे अधिकारियों को वाॅट्सएप किया। इससे कई स्तरों पर काम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी हुई। अभियान में 77 हजार 940 खेत तालाब, 1 लाख 3 हजार 900 डगवेल रिचार्ज और 992 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसे समय से पहले पूरा कर लिया गया है। 21 जून तक 82 हजार 310 खेत तालाब, 1 283 अमृत सरोवर और 1 लाख 3 हजार कुओं में रिजार्च पिट (डगवेल रिचार्ज विधि) बनाने का काम चल रहा है। साथ ही 19 हजार 949 पुराने काम भी पूरे किए गए हैं। जबकि, जल गंगा संवर्धन अभियान को पूरा होने में 9 दिन का समय बाकी है। जागरूकता के लिए 1 लाख 62 हजार 400 जल दूत बनाने का लक्ष्य था, अब तक 2 लाख 30 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके है मनरेगा परिषद ने जनवरी-फरवरी से ही प्लानर सॉफ्टवेयर की सहायता से अभियान की तैयारी शुरू कर दी थी। नई जल संरचनाओं के लिए जगह चुनने के लिए सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग हुआ। इससे सटीक स्थान चुनने में मदद हुई। इसे देखने बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र से अधिकारियों के दल आ चुके हैं। कामों की लगातार मॉनिटरिंग के लिए डैशबोर्ड बनाकर एआई से मदद ली गई। कलेक्टरों को हर हफ्ते रिपोर्ट भेजी गई। डैशबोर्ड को लगातार सवा लाख से अधिक लोग देख रहे हैं।
