किसानों के छूटे हुए रकबा-खसरा जुड़वाने, ड्रैनेज, स्टेकिंग, रकबा समर्पण, अवैध परिवहन एवं भंडारण पर निगरानी रखने दिए निर्देश

गौरेला पेंड्रा मरवाही, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने आज परियोजना प्रशासक आदिवासी विकास गौरेला के सभा कक्ष में बैठक लेकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर प्रतिदिन धान खरीदी की समीक्षा की जा रही है। बिना गेट पास के धान खरीदी केंद्र में किसी को प्रवेश नहीं देना है, जितने किसानों का टोकन कटता है, उन्हीं को प्रवेश देना है। जिन समितियों में टोकन काटने में किसी तरह की तकनीकी समस्या आती है, तो उसे वरिष्ठ अधिकारी के ध्यान में लाकर उसका तत्काल निराकरण कराएं। उन्होंने कहा कि यूआरएफ पोर्टल में जिन किसानों का रकबा-खसरा छूट गया है, वे संशोधन करा सकते हैं, इसके लिए प्रचार-प्रसार करें और किसानों से संपर्क कर उन्हें बताएं और छूटे हुए रकबा-खसरा को जुड़वाएं, ताकि धान विक्रय में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में उपार्जित धान के रख-रखाव के संबंध में कहा कि यदि जमीन पर स्टेकिंग कर रहे हैं तो ड्रैनेज डबल लेयर का और यदि चबुतरा है तो सिंगल लेयर का ड्रैनेज होना चाहिए, जिससे खराब मौसम या बारिश होने पर उपार्जित धान सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि जिन समितियों में पतले धान का आवक हो रहा है, वहां मोटे और पतले धान का अलग-अलग स्टेकिंग करें। कलेक्टर ने समर्पित योग्य रकबा का समितिवार समीक्षा की तथा कम्प्यूटर ऑपरेटरों को जवाबदारी देते हुए कहा कि रकबा समर्पण का कार्य प्रतिदिन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम का धान या मिक्स धान समिति में नहीं आना चाहिए, यदि इस तरह के धान खपाए जाने की शिकायत मिलती है, तो समिति प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर उड़नदस्ता दल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने सभी जिला नोडल अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को भी धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, खाद्य अधिकारी श्वेता अग्रवाल, जिला विपणन अधिकारी हरिश शर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल विनय साहू सहित सभी नोडल अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, समिति प्रबंधक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे।