विश्व हेपेटाईटिस दिवस पर हुए जागरूकता कार्यक्रम एवं स्क्रीनिंग शिविर
भोपाल:
विश्व हेपेटाईटिस दिवस के अवसर पर मंगलवार को हेपेटाईटिस स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। इस वर्ष यह दिवस “हेपेटाइटिस आइए इसे विस्तार से समझें, बाधाओं को तोड़ें” की थीम पर मनाया गया। यह दिवस हेपेटाईटिस बी वायरस की खोज करने वाले डा. बरूच ब्लुमबर्ग की जन्मतिथि पर मनाया जाता है।
राष्ट्रीय वायरल हेपिटाइटिस कंट्रोल कार्यक्रम अंतर्गत केन्द्रीय जेल,भोपाल में बंदियों की हेपेटाइटिस बी, सीएचआईवी, वीडीआरएल, एसटीआई, टीबी स्क्रीनिंग की गई। शिविर में 203 बन्दियों जांच की गई, जिसमें से कोई भी सकारात्मक नहीं पाया गया। जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में भी हेपेटाइटिस जागरूकता एवं परामर्श शिविर लगाए गए।
केन्द्र सरकार ने 2018 में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाईटिस कण्ट्रोल कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। जिसका उददेश्य 2030 तक हेपेटाईटिस सी का उन्मूलन करना है। कार्यक्रम के तहत हेपेटाईटिस बी और सी से संक्रमित लोगों की स्वास्थ्य जटिलताओं और मृत्यु दर को कम करना है। वायरल हेपेटाईटिस कन्ट्रोल कार्यक्रम के अंतर्गत लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर के खतरों को कम के साथ ही हेपेटाईटिस ए और ई से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान और मृत्यु की दर को कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ.मनीष शर्मा ने बताया कि हेपेटाईटिस बी से बचाव हेतु शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में टीकाकरण निःशुल्क किया जाता है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हेपेटाईटिस की जांच एवं उपचार निःशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। हेपेटाईटिस बी संक्रमित मां से, गर्भस्थ शिशु में संक्रमण पहुंचने की संभावना भी होती है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं में हेपेटाईटिस बी की जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है। स्वास्थ्य संस्थाओं में ट्रिपल टेस्टिंग के तहत एच.आई.वी.,हेपेटाईटिस बी और सिफलिस संक्रमण की जांच की जाती है।

