मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई जारी
भोपाल :
प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराई 4.79 हेक्टेयर भूमि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हाईवे किनारे से हटाया जा रहा अतिक्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सागर जिले में कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए बंडा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत द्वारा कब्जा की गई 4.79 हेक्टेयर शासकीय भूमि को मुक्त करा लिया है।
ग्राम चौकीदार की सेवा भूमि पर बोई फसल को किया नष्ट
जांच के दौरान यह बात उजागर हुई थी कि बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत ने ग्राम सिमरिया उवरी में ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपी द्वारा 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर (कुल 4.79 हेक्टेयर) भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी।
राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और उस पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को नष्ट कर शासकीय आधिपत्य में लिया।
NH-44 के किनारे सौरभ ढाबा पर चला बुलडोजर
सागर जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के किनारे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा जमाए सौरभ होटल/सौरभ ढाबा पर प्रशासन का बुलडोजर चला और करोड़ों की शासकीय भूमि को बेदखल कर मुक्त कराया गया।
संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन
राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक ने अपनी निजी भूमि की आड़ में हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर ढाबे का अवैध विस्तार कर लिया था, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
बांदरी से मालथौन टोल तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत हाईवे किनारे सरकारी जमीनों पर काबिज सभी अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जा रहा है। आज बांदरी से लेकर मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का यह प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपराधियों की संपत्तियों पर कड़ी नजर
शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की भी गहनता से जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
