भोपाल मंडल में पेयजल गुणवत्ता की सघन निगरानी: 1,744 क्लोरीन एवं 126 बैक्टीरियोलॉजिकल जांचों में सभी नमूने उपयुक्त
भोपाल :
पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मंडल द्वारा रेल यात्रियों एवं रेलकर्मियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 28 सितंबर से 22 अक्टूबर 2026 तक अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine), बैक्टीरियोलॉजिकल जांच तथा रासायनिक विश्लेषण के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच की गई।
इस अवधि में भोपाल मंडल में अवशिष्ट क्लोरीन के 1,744 नमूनों की जांच की गई और सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। इसी प्रकार, बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के लिए लिए गए सभी 126 नमूनों के परिणाम भी उपयुक्त पाए गए। इसके अतिरिक्त, इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किए गए एक रासायनिक परीक्षण का परिणाम भी उपयुक्त रहा।
इस प्रकार, उक्त अवधि में अवशिष्ट क्लोरीन एवं बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के कुल 1,870 नमूनों में सभी नमूने उपयुक्त पाए गए। रासायनिक परीक्षण का परिणाम भी संतोषजनक रहा।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि मंडल द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं अन्य संबंधित स्थानों पर पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों और जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। जांच के दौरान गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।
भोपाल मंडल यात्रियों एवं रेलकर्मियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

