सीएम डॉ मोहन यादव का संबोधन

जिनके घर गाय वो गोपाल है

बदलते दौर में हमारा सौभाग्य है

आप सभी गोपालकों का निवास है

गाय जहां होती है 33 करोड़ देवी देवता और स्वर्ग हो जाता है

जहां मां की सीमा समाप्त होती है वहां गौ माता शुरू होती है

पूरा देस बदल रहा है, हमारा सम्मान बढ़ रहा है

अच्छी नस्ल की गाय

गौ माता बेड रूम में भी घूम रही है

गोधूलि बेला में ग्रहण लगने लगा है

गौ माता ने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा

लेकिन व्यवस्थाओं में दोष

हजारों वर्ष की पहचान हमारी थी

लेकिन आजादी के बाद नादानी की ओर कदम बढ़ाया गया

गांवों का भला करना है…किसानों का भला करना है …दूध उत्पादन बढ़ाया

अमूल का प्लांट बनाया गया…सरदार वल्लभ भाई पटेल का धन्यवाद

हमारा प्रदेश दूध की राजधानी बननी चाहिए

नदियों का मायका , वनों से अक्षादित है एमपी

एमपी में आर्थिक व्यवस्था में भी दूध उत्पादन में बढ़ रहे है

पशुपालन का बजट 300 से 2600 करोड़ किया गया

कांग्रेस को जब मैं बोलता हूं मिर्ची लगती है

इनके करम ही ऐसे है

गौ माता को षडयंत्र कर बाहर किया

दूध खरीदने में नियम बना दिया

सिर्फ भैंस का ही दूध खरीदेंगे

गौ वंश का दूध नहीं खरीदते थे

गाय के दूध में प्रतिबंध लगा दिया

हमने कहा गाय का दूध खरीदेंगे

गोवंश संरक्षण की बात भी होगी

गौशाला आज कल हाईटेक गोशाला

दूध उत्पादन के साथ खाद, दवाइयां, सीएनजी बना सकते है

सरकार का मतलब व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि का द्वार खुले

आज 20 से 40 रुपया देकर मध्य प्रदेश ने बड़ी सौगात दी है

घर घर गोपालन को बढ़ावा मिले

पशुपालन पालन के साथ अब गोपालन भी बोला जाएगा

25% अनुदान दिया जा रहा है

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है

प्राकृतिक खेती से इससे दाम भी बढ़ेगा

जैविक खेती के माध्यम से फसलों को प्रोत्साहन देना है

योजना बनाते समय डर लगता था

अब सड़कों पर अगर गोमाता नहीं मिलेगी

सड़क पर गाय इसलिए बैठती है क्योंकि गोमाता भी हमारे तरह संवेदनशील है

लेकिन लोग गाय के बारे में गलत बोलते है

रोड पर बैठाने वाली गौ माता को गोशाला पहुंचाया जाएगा

5000 से बड़ी गोशाला पर सवा सौ एकड़ जमीन देंगे

हम प्राचीन संस्कृति को जीवंत कर रहे

आज सात गोशाला पुरस्कृत हुई है

डॉ भीम राव अंबेडकर के माध्यम से गोशाला को पंजीयन प्रमाण पत्र दिए गए

900 करोड़ भी देना पड़े तो सरकार पीछे नहीं हटेगी

एक एक ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाने वाले है

कुपोषण की कठिनाई को दूर करने में दूध में सबसे अधिक पौष्टिक

प्राकृतिक के साथ जैविक खेती को प्रोत्साहन

10 लाख लीटर से 50 लाख लीटर करना है… NDDB के साथ

दो ढाई करोड़ दूध मार्केट में जाता है

9000 से बढ़ाकर 26000 किया जाएगा