इटावा में यादव कथावाचक की बाल और चोटी काटने का मामला, दलित पिछड़ा समाज किया विरोध
एंकर-उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मे यादव कथावाचक से बादसलूकी बाल और चोटी काटने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.दरअसल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ द्वारा दो लोगों के साथ बदसलूकी की जा रही है. एक के चोटी और बाल काटे जा रहे हैं. सफेद कुर्ता-लाल धोती पहने हुए एक पीड़ित मौके पर मौजूद महिला के पैर छूता हुआ और नाक रगड़ता हुआ नजर आ रहा है. भीड़ ने पीड़ितों का हारमोनियम भी तोड़ दिया बताया जा रहा है कि जिन दो लोगों के साथ बदसलूकी की गई, वे कथावाचक हैं. गांव-गांव जाकर कथा कहते हैं. इस कड़ी में दोनों थाना बकेवर क्षेत्र के अंतर्गत दादरपुर गांव पहुंचे थे. लेकिन यहां उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई. किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है.इधर इस घटना का विरोध भी शुरू हो गया. दलित पिछड़ा समाज संगठन में इटावा की घटना के विरोध में पिछड़ा समाज घटना की निंदा की है.समाज के अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा कि एक भागवतआचार्य के साथ केवल उनके पिछड़ा और यादव जाति से होने के कारण की गई मारपीट और जबरन मुंडन की घटना समाज में व्याप्त जातिवादी मानसिकता को उजागर करती है यह वर्ण व्यवस्था के अनुसार शूद्रों के किसी भी धार्मिक ग्रंथ को सुनने और पढ़ने का अधिकार नहीं है और पिछड़ा वर्ग किसी वर्ण मे आता है मनुवादी सोच के चलते इटावा में इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया वहीं दलित पिछड़ा समाज ने निर्णय लिया कि आगामी 3 जुलाई को भोपाल में मनुस्मृति को प्रतिरात्मक रूप से जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सोपा जाएगा
