खेत तालाबों और अमृत सरोवर से पांच हजार एकड भूमि होगी सिंचित
भोपाल :
2500 से अधिक खेत तालाबों का हुआ निर्माण और 1600 से अधिक कूप रिचार्ज
जल गंगा संवर्धन अभियान में रायसेन जिले को मिला द्वितीय स्थान
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि रायसेन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना से जल संरक्षण के कार्य कराये गये। मनरेगा के तहत 1000 से अधिक जल संग्रहण के कार्यो को भी पूर्ण कराया गया है। अभियान के दौरान जिले के झिरी ग्राम में स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुर्नजीवित किया गया, जो रायसेन में हुए महत्वपूर्ण कार्यो में से एक है। जिले में स्थित अन्य नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के कार्य भी कराये गये।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत रायसेन जिले की सभी 7 जनपद पंचायतों में कुल 2500 से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है जिससे एक ओर जहां बारिश का जल संग्रहित हो सकेगा, वहीं किसानों को भी सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त 1687 कूप रीचार्ज पिट का निर्माण कराया गया है। जिले की बाड़ी जनपद पंचायत में 329 खेत तालाब, बेगमगंज जनपद पंचायत में 509 खेत तालाब, गैरतगंज जनपद पंचायत में 354 खेत तालाब, औबेदुल्लागंज जनपद पंचायत में 213 खेत तालाब, सांची जनपद पंचायत में 366 खेत तालाब, सिलवानी जनपद पंचायत में 490 खेत तालाब और उदयपुरा जनपद पंचायत में 302 खेत तालाबों के निर्माण कार्य स्वीकृत कराये गये। बाड़ी जनपद पंचायत में 183 कूप रिचार्ज पिट, बेगमगंज जनपद पंचायत में 340, गैरतगंज जनपद पंचायत में 207, औबेदुल्लागंज जनपद पंचायत में 158, सांची जनपद पंचायत में 161, सिलवानी जनपद पंचायत में 144 और उदयपुरा जनपद पंचायत में 194 कूप रीचार्ज पिट का निर्माण कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़े कार्यो में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, संगठनों और नागरिकों की भी सहभागिता सुनिश्चित कराई गई। अभियान के तहत नागरिकों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने के लिये पानी चौपाल सहित अनेक गतिविधियां भी आयोजित कराई गई। माय भारत एप में 15000 से अधिक जलदूतों का मोबाईल के माध्यम से पंजीयन कराया गया। इन जल दूतों को जल संरक्षण कार्यों का प्रशिक्षण भी जनपद पंचायत स्तर पर दिया गया। इन सभी कार्यों में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया। जिले को 100 में से 92.35 अंक प्राप्त हुये है जिसमें रायसेन प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहा।

