बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने भोपाल के 9 मसाला रेस्टोरेंट में की प्रेस कॉन्फ्रेंस

मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता संगठन की प्रदेश संयोजिका रचना अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को बताया कि आज मध्य प्रदेश सहित देश भर में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विरोध किया जा रहा है यह विरोध कोई औपचारिकता या कोई निहित स्वार्थ पर आधारित राजनीतिक विरोध नहीं है बल्कि हमारी दैनिक आय और जीवन मरण के प्रश्न के साथ ओत प्रोत रूप से जुड़ा हुआ है हाल ही में हम इसके दुष्परिणामों को पूरे देश भर में देख सुन रहे हैं मध्य प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है लेकिन जो लोग नीतिगत तौर पर इस योजना को देख रहे हैं वह जानते हैं की ये योजना बिजली जैसी अत्यंत आवश्यक सेवा को बड़े-बड़े कॉर्पोरेट के हाथों मुनाफा कमाने के लिए छोड़ देने की एक योजना है , प्रीपेड स्मार्ट मीटर “रिवेम्प्ड डिस्ट्रिव्यूशन सेक्टर स्कीम” के तहत लगाये जा रहे हैं जो कि संसद में लंबित बिजली संशोधन विधेयक 2022 लागू करने का चोर दरवाजा है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में आम उपभोक्ताओं ने यह बताया है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली के बिल महीने में दो बार आ रहे हैं हर 15 दिन में बिजल बिल दिया जा रहा है और बिल की राशि 5000 से लेकर 50000,तक आ रही है जिसके कारण उपभोक्ता बिल नहीं भर पा रहे हैं और बिल न भरने पर उनकी बिजली काट दी जा रही है लोग अंधेरे में रहने पर मजबूर है यही हाल पूरे प्रदेश का है।जहां स्मार्ट मीटर लगे हैं उन सभी जिलों में उपभोक्ता बिजली बिलों से पीड़ित है ।