पिछड़ा वर्ग और विमुक्त-घुमंतु समुदाय के कल्याण के लिए 1,691 करोड़ रूपये का प्रावधान
भोपाल :
शिक्षा, कौशल और रोजगार से सशक्त होंगे युवा : राज्यमंत्री गौर
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026-27 का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह बजट सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का दस्तावेज है। बजट में पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विमुक्त-घुमंतु वर्ग के लिए 1 हजार 691 करोड़ रूपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जो इन वर्गों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेष फोकस
राज्यमंत्री गौर ने बताया कि बजट में युवाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष चिंता की गई है। वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत 7 लाख 50 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिसे और सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए “सरदार पटेल कोचिंग योजना” के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों को अब सुविधाओं से युक्त “आदर्श छात्रावास” के रूप में विकसित किया जा रहा है।
परम्परागत व्यवसायों को मिलेगा आधुनिक बाज़ार
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके परम्परागत व्यवसायों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बजट में प्रावधान किया गया है कि इन वर्गों के हुनरमंद कारीगरों को वर्तमान बाज़ार की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
विमुक्त-घुमंतु समुदाय को मुख्यधारा में लाने के प्रयास
राज्यमंत्री गौर ने बताया कि विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पित है। बजट में इन वर्गों के लिए प्रचलित योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, कन्याओं के शिक्षण हेतु प्रोत्साहन, बस्ती विकास और स्व-रोज़गार योजनाओं को निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है। यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

