कोरोना की आपदा को अवसर में बदलकर आत्मनिर्भर बनीं अनुसूचित जाति की महिला उद्यमी संगीता चौधरी

भोपाल :

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से पाया 2.5 करोड़ का टर्नओवर

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना मध्य प्रदेश के युवाओं और महिला उद्यमियों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से भोपाल जिले की अनुसूचित जाति वर्ग की महिला उद्यमी संगीता चौधरी एवं उनकी पार्टनर मनजीत कौर ने विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता का एक नया मुकाम हासिल किया है। आज उनकी कंपनी ‘MS Packing’ (एमएस पैकेजिंग) सालाना 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर पार कर चुकी है और वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 15 अन्य युवाओं को रोजगार देकर उनके परिवारों का सहारा बनी हैं।

उल्लेखनीय है कि यह योजना 18 से 45 वर्ष के युवाओं को ₹1 लाख से ₹50 लाख तक का बैंक ऋण, 3% ब्याज अनुदान और बिना किसी गारंटी के स्वरोजगार स्थापित करने में पूरी मदद कर रही है। साल 2019 में शुरुआत के तुरंत बाद आया कोरोना संकट, सरकार ने संभाला।

भोपाल जिले की सफल उद्यमी संगीता चौधरी एवं मनजीत कौर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने साल 2019 में अपने पैकिंग मटेरियल (सर्जिकल कार्टन बॉक्स,बेकरी बॉक्स एवं अन्य पैकिंग मटेरियल) के व्यवसाय की शुरुआत की थी। लेकिन व्यवसाय शुरू होने के कुछ समय बाद ही कोरोना (Covid-19) महामारी का संकट आ गया, जिसने शुरुआती बिजनेस को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। संकट के इस दौर में व्यवसाय को पुनर्जीवित करने और आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने एमएसएमई विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहारा लिया।

बॉम्बे मर्केंटाइल बैंक और शासन की सब्सिडी से मिली भारी मदद

योजना के तहत उन्हें बॉम्बे मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसने कोरोना काल के बाद उनके बिजनेस को एक नई गति और भारी संबल प्रदान किया। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश शासन की सब्सिडी योजना के अंतर्गत उन्हें नियमानुसार सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ, जिससे वित्तीय तरलता बनी रही।

MSME विभाग से मिली 1% की अतिरिक्त ब्याज छूट

संगीता चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में मिलने वाले 3% ब्याज अनुदान के अलावा, MSME विभाग के माध्यम से उन्हें ब्याज दर में 1% की अतिरिक्त छूट का विशेष लाभ भी मिला। इस वित्तीय प्रोत्साहन और रियायत ने मंदी और कोरोना के प्रभाव से उबरने में उन पर से आर्थिक बोझ को बेहद कम कर दिया।

10 लाख से 2.5 करोड़ रुपये तक का सफर

उन्होंने बताया कि संकट के बीच प्रथम वर्ष में कंपनी का व्यवसाय महज 9 से 10 लाख रुपये ही हो सका था। लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और सही समय पर मिले सरकारी सहयोग की बदौलत मात्र 4 से 5 साल के भीतर कंपनी ने 2.5 करोड़ रुपये का टर्नओवर प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में वे अपनी कंपनी में 12 से 15 स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दे रही हैं।

महिला उद्यमी संगीता चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और MSME विभाग की नीतियां उद्योग स्थापना और विपरीत परिस्थितियों में भी संचालन को बेहद आसान बनाती हैं, जिससे नए और विशेषकर वंचित वर्ग के उद्यमी बिना किसी वित्तीय जोखिम के आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग उत्पादों की उपलब्धता में सुधार लाते हुए इस दूरदर्शी योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति विशेष कृतज्ञता व्यक्त की।