बलराम जयंती पर ग्वालियर में गूंजेगा किसान सम्मान का जयघोष – यादव
ग्वालियर :
भगवान बलराम जयंती एवं किसान दिवस के अवसर पर 02 सितम्बर को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में आयोजित होने जा रहे भव्य बलराम महोत्सव को लेकर ग्रामीण अंचलों में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। महोत्सव को लेकर गांव-गांव बैठक कर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में अपेक्स बैंक प्रशासक एवं कार्यक्रम संयोजक महेंद्र सिंह यादव ने ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया तथा उन्हें परिवार सहित महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
“यह सिर्फ उत्सव नहीं, अन्नदाता के सम्मान का महापर्व है”
ग्रामीणों से संवाद करते हुए महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि बलराम महोत्सव किसान, खेती, गांव और हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति को समर्पित पर्व है। भगवान बलराम भारतीय कृषि परंपरा में किसान शक्ति और परिश्रम के प्रतीक हैं। उनकी जयंती पर आयोजित यह आयोजन अन्नदाता के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ग्रामीण परंपराओं और कृषि संस्कृति से जोड़ने का अवसर है।
उन्होंने बताया कि नंदलाल बाल कल्याण समिति द्वारा वर्ष 2006 से निरंतर बलराम जयंती महोत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी परंपरा को व्यापक रूप देते हुए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक जिले में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं और इसी क्रम में अब तक लगभग 22 जिलों में आयोजन हो चुके हैं।
गांव-गांव पहुंचा आमंत्रण, किसानों में दिखा उत्साह
जनसंपर्क अभियान के दौरान यादव ने जलालपुर, मालनपुर, गंगापुर, पुरानी छावनी, रायरू, रायरू फार्म, बरऊआ, मिलावली, जिनावली, निरावली, गजीपुरा, नायकपुरा, तिलघना, सीता का पुरा, शिकरवार का पुरा, राम प्रसाद का पुरा, छोटे का पुरा, विलपुरा, जिगसौली, कुलैथ, मेहदपुर, महेश्वरा, खेरिया माता की, सिगोरा, टेहलरी, थर और शंकरपुर सहित अनेक गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की।
इस दौरान ग्रामीणों में 02 सितम्बर को ग्वालियर पहुंचने को लेकर खासा उत्साह नजर आया। यादव ने सभी से आग्रह किया कि परिवार सहित मेला ग्राउंड पहुंचें और किसान सम्मान के इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें।
02 सितम्बर को मेला ग्राउंड में जुटेगा किसान समाज
बलराम महोत्सव के माध्यम से किसानों के सम्मान, कृषि विकास, ग्रामीण संस्कृति और किसान शक्ति का संदेश दिया जाएगा। आयोजन को लेकर ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में तैयारियां और जनसंपर्क अभियान तेजी से जारी है।

