’महतारी वंदन योजना बनी संबल’ : ’पति के साये के बिना भी संतोषी ने पाई आर्थिक स्वावलंबन की नई राह’

रायपुर: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के साल्हेवना गांव की रहने वाली संतोषी साहू के जीवन में ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘महतारी वंदन योजना’ उम्मीद की एक नई किरण लेकर आए हैं। पति स्वर्गीय खोलबहरा साहू के असामयिक निधन के बाद संतोषी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। परिवार के भरण-पोषण से लेकर बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक दैनिक संघर्ष बन गया था। सीमित संसाधनों और कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें अक्सर दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था।
राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ ने संतोषी के इस संघर्षपूर्ण जीवन को नई दिशा दी है। वर्ष 2024 से संतोषी को नियमित रूप से प्रतिमाह 1,000 रुपये (वार्षिक 12,000 रुपये) की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। यह राशि केवल एक आर्थिक मदद भर नहीं है, बल्कि इसने उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने का भरोसा दिया है।
महतारी वंदन योजना से आए इस बदलाव को साझा करते हुए संतोषी बताती हैं कि पहले घर के छोटे-मोटे खर्चों और बच्चों की प्राथमिक जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था या सोचना पड़ता था। इस योजना से हर महीने मिलने वाले पैसों ने मुझे एक नई ताकत दी है। अब मैं खुद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महसूस करती हूँ।हर महीने तय समय पर मिलने वाली इस सहायता से संतोषी न केवल अपने घरेलू खर्च आसानी से उठा पा रही हैं, बल्कि बच्चों की इच्छाएं पूरी करने और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम हुई हैं।
संतोषी साहू का यह बदलाव इस बात का जीवंत प्रमाण है कि किस प्रकार राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर असहाय और जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में स्वाभिमान और नए आत्मविश्वास का संचार कर रही हैं।