भोपाल मंडल में कोचों के अनुरक्षण को गति, छह माह में 588 कोचों का पीओएच
भोपाल :
पश्चिम मध्य रेल द्वारा सुरक्षित, सुचारु एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन में कोचों के अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल स्थित कोचिंग रिपेयर वर्कशॉप (सीआरडब्ल्यूएस) में कोचों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है।
चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम छह माह में भोपाल स्थित सीआरडब्ल्यूएस द्वारा कुल 588 कोचों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग किया गया। वहीं, सितम्बर माह में 115 कोचों का पीओएच किया गया। यह कार्य कोचों की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं बेहतर परिचालन क्षमता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
पीरियोडिक ओवरहॉलिंग के दौरान कोचों की बॉडी एवं अंडरगियर की मरम्मत, ट्रॉली एवं बोगी के महत्वपूर्ण पुर्जों का अनुरक्षण, एयर ब्रेक प्रणाली, बफर तथा अन्य सुरक्षा संबंधी उपकरणों का परीक्षण एवं मरम्मत की जाती है। इसके अतिरिक्त, पहियों एवं धुरियों का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक रखरखाव किया जाता है, ताकि कोचों की गुणवत्ता एवं परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कोचों के नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण से तकनीकी खराबियों की संभावना कम होती है तथा ट्रेनों का परिचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बनाने में सहायता मिलती है। इससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं विश्वसनीय रेल यात्रा उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रेनों की समयपालनता में सुधार लाने में भी मदद मिलती है।
पश्चिम मध्य रेल द्वारा कोचों की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित अनुरक्षण मानकों का पालन करते हुए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से यात्री सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा सुरक्षित रेल परिचालन को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिल रही है।

