अघोषित बिजली कटौती बंद न होने पर होगा उग्र आंदोलन

भोपाल :

लोड शेडिंग और अघोषित बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों का जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, भक्तगण नवरात्र में मां जगदम्बा की आरती अंधेरे में करने को विवश हैं। ग्रामीण क्षेत्र में हर शाम से रात तक की बिजली कटौती के चलते गंभीर आपराधिक घटनाओं का भय बढ़ता जा रहा है इस स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना के जिम्मेदार मुख्यमंत्री होंगे, यह कहना है पूर्व जिला पंचायत सदस्य विष्णु विश्वकर्मा का। उन्होंने गुरुवार को ग्रामीण कांग्रेस कार्यकर्ताओं और रहवासियों के साथ बिजली कटौती के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन किया। रायसेन रोड बायपास चौराहे पर आयोजित सांकेतिक प्रदर्शन में विष्णु विश्वकर्मा ने शासन प्रशासन पर शहर की तुलना में ग्रामीणों से भेदभाव करने के आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में लक्धक आयोजनों की बहार चल रही है और गाँव में मां भवानी के पंडालों में अंधेरा पसरा हुआ है। किसान नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य विष्णु विश्वकर्मा ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी एयर कंडीशन दफ्तरों में बैठे हैं और गांव में हमारे अन्नदाता किसान वर्ग का भविष्य अंधेरे में डूबा हुआ है। सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान शासन प्रशासन को चेतावानी देते हुए उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों द्वारा दो दिवस के अंदर व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया था, अगर दो दिवस में अघोषित बिजली कटौती पर लगाम नहीं लगाई गई तो कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़क को जाम कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के हित की रक्षा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले प्रत्येक नागरिक के मूलभूत अधिकारों के लिए कांग्रेस हमेशा चिंतित रही है और इसी कारण बिजली कटौती के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन किया गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष अचल ठाकुर, रघुराज सराठे, धीरज मेर, अरुण विश्वकर्मा, समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।