लोको रखरखाव में नवाचार: इटारसी में शून्य खर्च पर टेस्टिंग यूनिट विकसित

भोपाल :

पश्चिम मध्य रेल द्वारा रेल इंजनों के रखरखाव को अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में नवाचारपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत इटारसी स्थित विद्युत लोको शेड में पुराने उपकरणों से प्राप्त पुर्जों का उपयोग कर बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पोर्टेबल टेस्टिंग यूनिट विकसित की गई है। वहीं, तुगलकाबाद स्थित विद्युत लोको शेड में डैम्पर की जांच के लिए आधुनिक, धूल-मुक्त एवं ध्वनि-रोधी केबिन तैयार किया गया है। इन पहलों से रखरखाव कार्यों में दक्षता बढ़ाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इटारसी में शून्य खर्च पर विकसित की पोर्टेबल टेस्टिंग यूनिट
इटारसी स्थित विद्युत लोको शेड की इलेक्ट्रॉनिक्स लैब के कर्मचारियों ने उपलब्ध पुराने पुर्जों का पुनः उपयोग करते हुए पोर्टेबल पावर थाइरिस्टर टेस्टिंग यूनिट विकसित की है। इस यूनिट की सहायता से बीएचईएल निर्मित ऑक्जिलरी कन्वर्टर में लगे चार थाइरिस्टरों की अलग-अलग जांच कर खराब पुर्जे की पहचान की जा सकती है।
इस नवाचार से विद्युत उपकरणों में खराबी की पहचान करने और मरम्मत में लगने वाले समय को कम करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, बिना अतिरिक्त वित्तीय व्यय के उपयोगी जांच उपकरण विकसित करना रेलवे के उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

तुगलकाबाद में डैम्पर परीक्षण के लिए आधुनिक केबिन तैयार
तुगलकाबाद स्थित विद्युत लोको शेड में डैम्पर की जांच के लिए पारदर्शी कांच की दीवारों वाला विशेष केबिन बनाया गया है। डैम्पर रेल इंजन में झटकों को नियंत्रित करने और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस विशेष केबिन में जांच के दौरान धूल एवं धातु के कणों से संवेदनशील उपकरणों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, शोर और संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करते हुए नियंत्रित वातावरण में डैम्पर की जांच की जा सकेगी। इससे जांच की गुणवत्ता और परिणामों की सटीकता में सुधार होने की उम्मीद है।

पश्चिम मध्य रेल की इन पहलों से लोको रखरखाव कार्यों में समय की बचत, जांच प्रक्रिया में सुधार तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। बेहतर रखरखाव से रेल इंजनों की विश्वसनीयता बनाए रखने और सुरक्षित एवं सुचारु रेल परिचालन को मजबूती प्रदान करने में भी योगदान मिलेगा।

पश्चिम मध्य रेल निरंतर तकनीकी नवाचार, संसाधनों के कुशल उपयोग और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत है।