ऑर्नामेंटल फिश फार्मिंग से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं लवली गुप्ता
भोपाल :
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत भोपाल जिले के फंदा विकासखंड के ग्राम डोबरा जागीर निवासी लवली गुप्ता ने शोभायमान मछली पालन (ऑर्नामेंटल फिश फार्मिंग) के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति को अपनाकर मत्स्य पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाया है।
₹25 लाख की लागत से स्थापित की इकाई
लवली गुप्ता ने वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत कुल ₹25 लाख की लागत से शोभायमान मछली पालन इकाई स्थापित की। इस परियोजना के लिए उन्हें ₹15 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ, जो परियोजना लागत का 60 प्रतिशत है। उन्होंने 10 वर्ष की पंजीकृत लीज पर भूमि लेकर मछलियों के प्रजनन और उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। इस इकाई के माध्यम से स्थानीय स्तर पर शोभायमान मछलियों की मांग पूरी करने के साथ ही अन्य जिलों की आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे स्थानीय बाजार को मछलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और परिवहन पर निर्भरता कम करने की संभावनाएं विकसित हुई हैं।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है इकाई
गुप्ता की इकाई में 80 से अधिक ग्लास एक्वेरियम स्थापित किए गए हैं। इनमें गप्पी, गोल्डफिश, मौली, स्वॉर्डटेल, कोई कार्प और जेब्रा सहित विभिन्न प्रजातियों की मछलियों का वैज्ञानिक पद्धति से प्रजनन किया जा रहा है। मछलियों के अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए शेड का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि दिन के समय प्राकृतिक रोशनी उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही पानी में पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए आधुनिक एयर ब्लोअर और पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए आवश्यक व्यवस्था भी की गई है।
रोजगार सृजन के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
शोभायमान मछली पालन की यह इकाई लवली गुप्ता के लिए स्वरोजगार का माध्यम बनने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दे रही है। उनके अनुसार, इस इकाई से 3 से 4 लोगों को रोजगार मिला है। पहले वर्ष में ₹6 से ₹7 लाख की अनुमानित आमदनी ने उन्हें इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है अब वह ऑस्कर, रेड पैरेट और सिचलिड्स जैसी अन्य प्रजातियों के स्थानीय स्तर पर प्रजनन की दिशा में भी काम कर रही हैं। इससे व्यवसाय का विस्तार करने और बाजार की विविध मांगों को पूरा करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल
लवली गुप्ता की पहल दर्शाती है कि योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं नए क्षेत्रों में उद्यम स्थापित कर सकती हैं और अपने साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकती हैं। गुप्ता कहती हैं, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार, जिनकी योजनाओं के माध्यम से मुझे अपना उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।” लवली गुप्ता की यह पहल महिला उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।

