अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सर्वदलीय डेलिगेशन को ‘बारात’ कहने वाले संजय राउत को शरद पवार की नसीहत

शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने रविवार को डेलिगेशन भेजने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस ‘बारात’ को भेजने की क्या जरूरत थी. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बेटा विदेश में भारत का क्या प्रतिनिधित्व करेगा.

संजय राउत को शरद पवार का जवाब
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की कहानी बताने और पाक की पोल खोलने के लिए केंद्र सरकार 32 देशों में अलग-अलग सर्वदलीय डेलिगेशन भेज रही है. इसमें विभिन्न विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद, पूर्व मंत्री और राजदूत शामिल हैं. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और संजय राउत को निशाने पर लिया है, जिन्होंने फैसले की आलोचना करते हुए बीते दिन डेलिगेशन की तुलना ‘बारात’ से की थी.

पार्टी से ऊपर उठकर लें फैसले

शरद पवार ने संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि स्थानीय राजनीति को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से नहीं जोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पार्टी के आधार पर फैसले नहीं लिए जाते. जब पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र गया था और तब मैं भी उस डेलिगेशन का सदस्य था.