मेट्रो पिलर की ऊंचाई से राजभवन की सुरक्षा पर सवाल

एंकर-राजधानी में रत्नागिरी तिराहे से भदभदा तक मेट्रो की ब्लू लाइन पर काम शुरू हो गया है। लेकिन राजभवन की बगल से निकलने वाली लाइन पर पेंच फंस सकता है, क्योंकि मेट्रो के पिलर की ऊंचाई राजभवन की सुरक्षा दीवार से भी ऊंची रहेगी। जिससे पूरा राजभवन मेट्रो के भीतर से दिखाई देगा।इसको लेकर राजभवन सुरक्षा की तरफ से एक चिट्ठी भोपाल पुलिस कमिश्नर को लिखी है। जिसमें मेट्रो की लाइन को ध्यान में रखकर राजभवन की सिक्योरिटी ऑडिट करने के लिए कहा गया है। इसमें लिखा है कि मेट्रो लाइन राजभवन के एकदम नजदीक से निकल रही है क्या ऐसे में व्यू कटर लगाना जरूरी है या फिर दूसरा कोई सुरक्षा इंतजाम किया जाए। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को भी सूचित किया गया है। जानकारी मिली है कि पुलिस कमिश्नर ऑफिस की तरफ से राजभवन की सिक्योरिटी ऑडिट पर काम शुरू कर दिया है और एक कमेटी बनाई जा रही है, जिसमें राजभवन के प्रतिनिधि, पुलिस डिपार्टमेंट के अफसर, पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और मेट्रो कार्पोरेशन के अफसर शामिल होंगे। जल्दी इसकी एक बैठक बुलाकर तमाम आपत्तियों पर चर्चा की जाएगी।बता दे की रोशनपुरा से राजभवन जाते समय मालवीय नगर साइड वाले हिस्से में मेट्रो की ब्लू लाइन का काम चल रहा है। लगभग 400 मीटर के लंबाई वाले हिस्से पर ही आपत्ति ली गई है। यह लाइन राजभवन की दीवार से महज 40 से 50 फीट ही दूर है।मेट्रो पिलर की ऊंचाई 18 से 24 मीटर तक रहती है। जबकि राजभवन की दीवार की ऊंचाई केवल तीन मीटर है। ऐसे में मेट्रो से पूरा राजभवन आसानी से दिखाई देगा। मेट्रो के एक अफसर का कहना है कि यात्रियों की चेकिंग की जाती है। वहीं मेट्रो पूरी तरह पैक होती है।पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा की हमें राजभवन की तरफ से सूचना मिली है और हम इसमें एक कमेटी बना रहे हैं, जिसमें मेट्रो के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।