जिन जिलों में बैंक नहीं वहाँ क्षेत्रीय कार्यालय और नोडल अधिकारी से होगी सुविधा: सहकारिता मंत्री सारंग
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने आज राज्य विधानसभा में विधायक रामनिवास शाह के एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि जिन जिलों में जिला सहकारी बैंक नहीं है, वहां पर क्षेत्रीय कार्यालय बैंक शुरू करेंगे। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर जो सहकारी नीति है, उसमें भी अपेक्षा की गई है कि हर जिले में कम से कम एक सहकारी बैंक जरूर हो। इसके जरिए हम जहां जिला सहकारी बैंक नहीं है, वहां हम क्षेत्रीय कार्यालय खोल सकेंगे और नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। इससे पूरे प्रदेश की समस्या का हल होगा।
नये जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खोलने का राज्य शासन के पास सीधा अधिकार नहीं है
मंत्री सारंग ने बताया कि सिंगरौली जिले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सीधी की 20 शाखाओं में से 9 शाखाएं कार्यरत हैं, जहां से जिले के आमजनों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। सिंगरौली जिले में पृथक जिला सहकारी बैंक की स्थापना का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
मंत्री सारंग ने बताया कि नये बैंक खोलने का राज्य शासन के पास सीधा अधिकार नहीं है। यह नाबार्ड और रिजर्व बैंक से जुडा हुआ मामला है| यह बात सही है कि मध्यप्रदेश में 55 जिले हैं और केन्द्रीय सहकारी बैंक 38 हैं, परन्तु उसका कारण है कि जब हम नया बैंक खोलते हैं तो उसकी वॉएब्लिटी और जिस मापदंड को लेकर बैंक खोला जाता है, उस पर पूरा विचार किया जाता है।सारंग ने बताया कि 17 जिले ऐसे हैं जो कि किसी न किसी बैंक के साथ जुड़े हुए हैं और उसका सीधा कारण वहां की बैंकों की वित्तीय स्थिति भी है। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, यदि हम देश का भी आंकड़ा देखें तो यह स्थिति संपूर्ण देश में है| जिन राज्यों में सहकारी आन्दोलन बहुत मजबूत है वहां की स्थिति भी यही है। यदि हम पूरे देश की बात करें तो भारत में 777 जिले हैं और जिला सहकारी बैंक केवल 350 ही है, उसका कारण यही है कि जो बैंक को चलाने और खोलने के मापदंड हैं| चाहे सीआरएआर हो या एनपीओ, इन सबको ध्यान में रखते हुए ही नया बैंक खोलने की कवायद हो सकती है।
बैंक और सोसायटी के कर्मचारी का ट्रांसफर उनका बोर्ड या सीओ और प्रबंधक करता है
विधायक नीना विक्रम वर्मा के एक प्रश्न के उत्तर में क्या सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण हेतु जून 2025 में जारी की गई स्थानांतरण नीति सहकारिता विभाग पर भी लागू है। विधायक नीना विक्रम वर्मा के पूरक प्रश्न के उत्तर में मंत्री सारंग ने बताया कि जिला सहकारी बैंक है बैंक के नीचे सोसायटी है यह दोनों आटोनोमस हैं इनके नियोक्ता अधिकारी उन दोनों का बोर्ड है। इसलिये ट्रांसफर करने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है। बैंक के कर्मचारियों का ट्रांसफर बैंक का बोर्ड है या बैंक का सीओ है वह करेगा और इसी तरह यदि सोसायटी के किसी एम्पलाई की बात है तो वहां का जो प्रबंधक है वह करेगा।
