वित्तीय व्यवहार में पारदर्शिता लाने कोष प्रबंधन पर कार्यशाला

भोपाल :

वित्तीय व्यवहार में पारदर्शिता लाने और डेटा विश्लेषण को प्रभावी बनाने की रणनीति बनाने के उद्देश्य से गत दिवस आयुक्त कोष एवं लेखा के तत्वावधान में मनन 1.0 कार्यशाला का आयोजन आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के संयुक्त संचालक और कोषालय अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सचिव वित्त लोकेश जाटव की विशिष्ट उपस्थिति आयुक्त कोष एवं लेखा, भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

सचिव वित्त जाटव ने डाटा के विश्लेषण से भविष्य की निर्णय प्रक्रियाओं में सहयोग की चर्चा की। अपर मुख्य सचिव ने विभिन्न प्रक्रियाओं के सूक्ष्म अध्ययन और तकनीकी उपयोग से वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने में मार्गदर्शन किया।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में वित्तीय व्यवहार में वित्तीय विसंगतियों एवं उनके रोकने की कार्यवाही के संबंध में चर्चा हुई। प्रतिभागी कोषालाय अधिकारी एवं संयुक्त संचालकों ने आहरण संवितरण कार्यालय के स्तर पर, अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए सुझाव दिए।

आईएफएमआईएस नेक्स्ट जैन विकास के विभिन्न नौ मॉड्यूल्स जिनका मैदानी स्तर के वित्तीय व्यवहार में अत्यधिक उपयोग होता है, उनमें नवाचारों एवं नवीन प्रक्रियाओं पर मनन किया गया। कोषालयों के निरीक्षण के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ता प्रदान करने निरीक्षण के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी सत्र आयोजित किया गया।

कार्यशाला में कोष प्रबंधन के क्षेत्र को सुदृढ़ता और तकनीकी के उपयोग से प्रबंधन में नवाचारी लक्ष्यों पर सारगर्भित कार्यवाही के लक्ष्य निर्धारित किए गए।