आलमी तब्लीगी इज्तिमा : चार दिन मजहबी समागम 14 से -तैयारियां जोरों पर, अंतिम रूप देने में जुटे वालेंटियर

भोपाल। आलमी तब्लीगी इज्तिमा को लेकर ईंटखेडी स्थित इज्तिमागाह पर तैयारियों का दौर जारी है और अधिकांश कामों को पूरा कर लिया गया है। जबकि कई नीतिगत निर्णय अभी लिए जाना बाकी हैं। यह आयोजन 14 नवंबर से शुरू होगा और 14 नवंबर को दुआ-ए-खास के साथ इसका समापन होगा। आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार दुनियाभर की जमातों की आमद होगी। जिसमें अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, मलेशिया, इंडोनेशिया, जकार्ता, बंगलादेश, अमेरिका, रूस आदि देशों की जमातें शामिल होंगी। हिंदुस्तान के सभी प्रदेशों के जमाती भी यहां पहुंचेंगे। चार दिन चलने वाली मजहबी तकरीरों के दौर के बीच उलेमा लोगों को दुनिया में रखे जाने वाले अपने किरदार और अपने अल्लाह के लिए वफादारी की बातें सिखाएंगे। आमतौर पर उलेमाओं की तकरीरों में इस्लाम के 6 मुख्य बिंदुओं पर केन्द्रित बात ही की जाती है। जिसको लेकर यह भी कहा जाता है कि यहां सिर्फ जमीन से नीचे और आसमान के ऊपर की बात की जाती है, जबकि दुनियावी बातों का जिक्र इस मजमे में नहीं किया जाता।

तैयारियां जोरों पर
ईंटखेडी स्थित इज्तिमागाह पर आयोजन की तैयारियों का दौर तेज है। पिछले कई दिनों से यहां वालेंटियर्स पहुंचकर जमीन समतलीकरण, पांडाल लगाने, वुजूखाने और बॉथरूम के लिए पाइप लाइन बिछाने, बिजली के खंभे खड़े करने आदि के कामों को पूरा करने में जुटे हैं। इज्तिमा प्रबंधन कमेटी का कहना है कि अब तक करीब 70 फीसदी से ज्यादा काम निपट चुका है, जबकि नगर निगम, पीडब्ल्युडी, विद्युत मंडल आदि सरकारी विभागों से जुड़े कुछ काम बाकी हैं, जिनमें अब तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।

इस बार नॉनवेज की बिक्री रहेगी जारी
पिछले साल इज्तिमा प्रबंधकों ने इज्तिमागाह में नॉनवेज खाने की बिक्री पर पाबंदी लगाई थी। सफाई व्यवस्था को लेकर लगाई इस पाबंदी को लेकर लोगों ने एतराज भी जताया था और नाराजगी भी। हालांकि प्रशासन ने भी इस पाबंदी को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया था। जिसके बाद इस साल खाने के स्टालों को नॉनवेज बिक्री की इजाजत दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक इज्तिमागाह में करीब 50 से ज्यादा फूड जोन लगाए जाएंगे। जिनमें चाय, नाश्ता और खाना रियायती दामों पर उपलब्ध रहेगा। यह फूड जोन विभिन्न बिरादरियों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगाए जाते हैं, जिनका मकसद नो प्रॉफिट, नो लॉस के आधार पर जमातियों को सस्ता और बेहतर खाना मुहैया कराना होता है।

फैसले कुछ बाकी हैं
आलमी तब्लीगी इज्तिमा के दौरान तीन दिनों तक अलग-अलग समय तकरीर करने वाले उलेमाओं और दुआ-ए-खास की जिम्मेदारी संभालने वाले आलिम का नाम फिलहाल तय नहीं हुआ है। इसके लिए दिल्ली मरकज से नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

आने लगीं जमातें, कर रहीं शहर गश्त
आलमी तब्लीगी इज्तिमा में शिरकत करने वालों की तादाद में हर साल लगातार बढोतरी होती जा रही है। पिछले आयोजनों में यहां 10 से 12 लाख तक जमाती शिरकत करते रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस साल इस आयोजन में इस तादाद में और इजाफा होगा। इज्तिमा में शामिल होने के लिए शहर की विभिन्न मस्जिदों में अलग-अलग शहरों से जमातों का आने का सिलसिला शुरू हो गया है। यह जमातें मस्जिदों की स्थानीय गतिविधियों में जुटकर दीनी काम कर रहे हैं। साथ ही लोगों को इज्तिमा में शिरकत की दावत भी दे रहे हैं।