राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित “विज्ञान जागृति उत्सव” का उत्साह एवं नवाचार के साथ हुआ समापन
भोपाल :
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान एवं मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) भोपाल के संयुक्तव तत्वावधान में किया गया आयोजन
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय “विज्ञान जागृति उत्सव” का शनिवार को समापन हो गया। कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान एवं मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम के पहले दिन विज्ञान विषय पर रंगोली एवं पोस्टर की प्रतियोगिता हुई। इस वर्ष प्रतियोगिताओं का विषय “प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक पद्धतियां एवं उसमें छिपा हुआ विज्ञान” रखा गया। रंगोली प्रतियोगिता में 11 प्रतिभागियों ने भाग लेते हुए वैदिक गणित, प्राचीन वेधशालाएं, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, पारंपरिक जल संरक्षण प्रणाली और स्थापत्य विज्ञान जैसे विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में 25 विद्यार्थियों ने शोधपरक तथ्यों और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से यह दर्शाया कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में आधुनिक विज्ञान के अनेक सिद्धांत समाहित हैं।
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन डॉ. रुचिरा चौधरी (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान), डॉ. हर्षा जलोरी (प्रोफेसर, भौतिकी, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय महाविद्यालय) तथा डॉ. संध्या त्रिवेदी (प्रोफेसर, रसायन विज्ञान) द्वारा किया गया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और रचनात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की।
द्वितीय दिवस पर विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 70 कार्यशील वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा इमोशन आइडेंटिफिकेशन सॉफ्टवेयर, लाइब्रेरी मेंटेनेंस सॉफ्टवेयर, एंटी-थेफ्ट लेजर सिस्टम, RFID आधारित अटेंडेंस सिस्टम, राडार सिस्टम, इनविज़िबल पियानो, मानव अंगों की कार्यप्रणाली के मॉडल, हाइड्रोपोनिक्स प्रणाली, स्पिरुलिना खेती, स्वचालित सिंचाई प्रणाली, फसल केयर ऐप, डीएनए संरचना मॉडल, फॉरेंसिक फिंगरप्रिंट पहचान, डमी क्राइम सीन, स्मार्ट पार्किंग सिस्टम, प्राकृतिक pH इंडिकेटर, रोबोटिक कार, साबुन एवं डिटर्जेंट उत्पाद तथा 3D मॉलीक्यूलर मॉडल जैसे नवाचार प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी में भोपाल एवं आसपास के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
विज्ञान प्रदर्शनी का मूल्यांकन डॉ. एस.डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, भौतिकी, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान), डॉ. भारती जैन (प्रोफेसर, रसायन विज्ञान, महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय महाविद्यालय) तथा साकेत सिंह कौरव (क्यूरेटर, रीजनल साइंस सेंटर) द्वारा किया गया। निर्णायकों ने मॉडलों की तकनीकी गुणवत्ता, नवाचार और सामाजिक उपयोगिता की प्रशंसा की।
समापन अवसर पर संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत कई मॉडल, जैसे लाइब्रेरी प्रबंधन सॉफ्टवेयर और सेंसर आधारित विद्युत बचत उपकरण, व्यवहारिक रूप से विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नवाचारों का पेटेंट कराने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि चौहान ने किया और आभार प्रदर्शन मिस मेरलिन सिल्वेस्टर द्वारा किया गया
दो दिवसीय “विज्ञान जागृति उत्सव” ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना और नवाचार की भावना को नई दिशा दी तथा संस्थान को शैक्षणिक उत्कृष्टता के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित किया। इस अवसर पर स्कूलों एवं अन्य महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान प्रदर्शनी को देखा। कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं 600 से अधिक छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

