“हक नहीं तो काम नहीं!”—लघु वेतन कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट घेराव, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
कटनी:
जिले में वर्षों से लंबित मांगों और विभागीय विसंगतियों से परेशान लघु वेतन कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
दैनिक वेतनभोगी और स्थायी कर्मियों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से शासन की अनदेखी का शिकार हैं। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा, जिससे उनमें भारी नाराजगी व्याप्त है।
अनदेखी से बढ़ा आक्रोश
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण उनकी स्थिति बदतर होती जा रही है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की।
हजारों कर्मचारियों का जुड़ा भविष्य
ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मांगें केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उनके भविष्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा मुद्दा है। वर्षों से अल्प मानदेय और अस्थिर नौकरी में काम कर रहे कर्मचारी अब स्थायित्व और न्याय चाहते हैं।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार को साफ संदेश दिया कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल, शासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन जिस तरह कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर उतरा है, उससे आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।

