जिला अधिवक्ता संघ के निर्वाचन में अनियमितताओं के संबंध में उच्च न्यायालय ने दिया अंतरिम आदेश

जबलपुर: जिला अधिवक्ता संघ, जबलपुर के निर्वाचन में कथित अनियमितताओं के संबंध में अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा माननीय मध्यप्रदेश न्यायालय, जबलपुर के समक्ष रिट याचिका क्रमांक 29626/2026 प्रस्तुत की गई है।
उक्त याचिका पर माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ, जिसमें माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल एवं एक अन्य माननीय न्यायाधीश सम्मिलित हैं, द्वारा सुनवाई की गई।
सुनवाई के उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किए हैं। माननीय न्यायालय ने जिला अधिवक्ता संघ, जबलपुर के निर्वाचन से संबंधित समस्त महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय द्वारा विशेष रूप से तदर्थ समिति को निर्देशित किया गया है कि निर्वाचन में प्रयुक्त मतपत्र (Ballot Papers), जिला न्यायालय, जबलपुर परिसर में स्थापित सभी सीसी टीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, निर्वाचन स्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्र में लगे कैमरों की रिकॉडिंग तथा निर्वाचन से संबंधित अन्य सभी संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, जिसमे जांच के दौरान किसी भी प्रकार का साक्ष्य नष्ट या प्रभावित न हो।माननीय उच्च न्यायालय ने मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक जांच समिति का भी गठन किया है। उक्त समिति निर्वाचन प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
यह आदेश जिला अधिवक्ता संघ के निर्वाचन की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। याचिकाकर्ता का उद्देश्य केवल यह है कि निर्वाचन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधि के अनुरूप हो तथा यदि निर्वाचन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर सत्य तथ्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। याचिकाकर्ता ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष स्वयं वा उनके साथ याचिका कर्ता के अधिवक्ता मंगेश ताम्हणकर, सौरभ शुक्ला, तीर्थेश भारिल्य, सुबोध पृथ् त्रिपाठी, दीपांशु दुबे, देवेंद्र उद्दे साथ में उपस्थित थे।