बच्चों के समग्र विकास तथा महिलाओं के सशक्तिकरण का केन्द्र बना सिंघवारी आंगनबाड़ी केंद्र

भिण्ड: भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के मालनपुर क्षेत्र में स्थित सिंघवारी आंगनबाड़ी केंद्र स्थानीय प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन तथा परियोजना अधिकारी संदीप मौर्य के नेतृत्व में एक प्रेरणादायी परिवर्तन का उदाहरण बन गया है। व्यक्तिगत रुचि और सक्रिय नेतृत्व से परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी को केवल पोषण केन्द्र नहीं बल्कि बच्चों के समग्र विकास तथा महिलाओं के सशक्तिकरण का केन्द्र बनाया।

इस आंगनबाड़ी में 80 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। टेवा फार्मास्यूटिकल्स कम्पनी मालनपुर की सहायता से बने इस केंद्र में आधुनिक सुविधायें उपलब्ध करवाई गई हैं। जिसमें सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, गर्मियों में राहत के लिए दो बड़े कूलर और शिक्षा एवं मनोरंजन के लिए एक 42 इंच की एलईडी लगवाई गई है। बच्चों के खेलने के लिए झूले और फिसलपट्टियाँ तथा केंद्र के भीतर सुंदर गार्डन ने आंगनवाड़ी को बच्चों के लिए आकर्षक बनाया है। पानी की शुद्धता के लिए कैंट का आरओ लगा है और बेहतर लाइट व्यवस्था हेतु सोलर लाइट भी स्थापित की गई है।

परियोजना अधिकारी ने बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया है, प्रतिदिन पौष्टिक नाश्ता और भोजन सुनिश्चित किए जा रहे हैं, तथा बच्चों के लिए स्वस्थ पीने का पानी उपलब्ध है। प्रेरक पहल के अंतर्गत सभी बच्चों को ड्रेस वितरित की गई, जिससे उनके आत्मसम्मान और विद्यालयी भागीदारी में वृद्धि हुई है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु एक सिलाई मशीन भी केंद्र पर रखवाई गई, जिससे माताओं को कौशल सीखने और अतिरिक्त आय अर्जित करने का मौका मिला।

परियोजना अधिकारी के नवाचार और प्रयासों का परिणाम यह है कि आंगनबाड़ी अब गाँव की केन्द्रीय आकर्षक जगह बन चुकी है। बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और मनोरंजन के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण की यह कहानी दर्शाती है कि संकल्प, सहयोग और नवाचार से किस प्रकार सरकारी सेवाओं का रूप बदलकर जनहित में बेहतर बनाया जा सकता है।