डीएमएफ की राशि में अब नहीं होगी देरी, अधूरे दस्तावेजों पर सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर सख्त

कटनी: जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) मद से स्वीकृत विकास कार्यों की राशि जारी करने में होने वाली अनावश्यक देरी को रोकने के लिए जिला पंचायत सीईओ एवं सदस्य सचिव जिला खनिज प्रतिष्ठान सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में ही प्रस्तुत किए जाएं, ताकि द्वितीय, तृतीय एवं अंतिम किस्त समय पर जारी की जा सके।

सीईओ ने बताया कि अब तक कई एजेंसियों द्वारा किस्तों की मांग के साथ उपयोगिता एवं कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र अलग-अलग प्रारूपों में अथवा अपूर्ण दस्तावेजों के साथ भेजे जा रहे हैं। इसके कारण अभिलेखों की जांच में समय लगता है और राशि जारी करने की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से प्रभावित होती है। इस स्थिति को देखते हुए सभी विभागों और क्रियान्वयन एजेंसियों को एक समान प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक मांग पत्र के साथ निर्धारित चेकलिस्ट, निरीक्षण प्रतिवेदन प्रारूप तथा सभी आवश्यक एवं सुसंगत दस्तावेज अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। निर्धारित प्रारूप में दस्तावेज उपलब्ध होने से प्रस्तावों का परीक्षण शीघ्र होगा और स्वीकृत कार्यों के लिए किस्तों का भुगतान बिना किसी अनावश्यक विलंब के किया जा सकेगा।

जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने सभी संबंधित अधिकारियों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि डीएमएफ मद से संचालित विकास कार्यों की वित्तीय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बन सके तथा विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।