सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं में हुए जागरूकता कार्यक्रम
भोपाल:
विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र भोपाल में छोटे बच्चों में दिल की बीमारियों की पहचान के लिए विशेष स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया। जिसमें 01 माह से लेकर 14 वर्ष तक की उम्र के 147 बच्चों की इकोकार्डियोग्राफी की गई। इनमें से 35 बच्चों में हृदय रोग सम्बन्धी समस्याएं मिलने पर ऑपरेशन की सलाह दी गई। जांच मुंबई से आए वरिष्ठ शिशु हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुप्रतिम सेन द्वारा की गई।
सेवा संकल्प अभियान के तहत भोपाल की विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हृदय रोग जागरूकता परामर्श एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए जिसमें स्वस्थ जीवन शैली की जानकारी दी गई। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दिल की बीमारियों के लक्षणों एवं जीवन शैली प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही हृदय को स्वस्थ रखने हेतु दैनिक क्रियाकलापों, व्यायाम,भोजन के संबंध में जागरूकता हेतु पोस्टर प्रतियोगिताओं एवं प्रश्नोत्तरी सत्रों का आयोजन किया किया गया।जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से लो कोलेस्ट्रॉल बनाने की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ.मनीष शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा हृदय रोग सहित अन्य बीमारियों का चिन्ह्यांकन मैदानी स्तर पर जाकर किया जाता है। आज आयोजित शिविर में जिन बच्चों में हृदय रोग की समस्या मिली है, उनका उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नि:शुल्क किया जाएगा।

