जन विश्वास अभियान के तहत मंगालिया हाट में बालिका की मांग बनी बच्चों के लिए नई सुविधा

भोपाल:

जन विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत मंगालिया हाट, जनपद पंचायत फंदा में एक बालिका की मांग को महज शिकायत के रूप में दर्ज करने के बजाय समयबद्ध कार्रवाई करते हुए एक माह के भीतर पुस्तकालय का निर्माण कर दिया गया। ग्राम की बालिका कु. खुशबू ने गांव के बच्चों के लिए पुस्तकालय उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत ने इस मांग को प्राथमिकता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही शुरू की और एक माह में पुस्तकालय तैयार कर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कराईं।

बच्चों को मिला अध्ययन और पठन-पाठन का बेहतर अवसर

पुस्तकालय के निर्माण से ग्राम के बच्चों को अब स्थानीय स्तर पर अध्ययन और पठन-पाठन के लिए एक सुलभ एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध हो गया है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को किताबों और अध्ययन सामग्री के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

जनभागीदारी से पुस्तकालय को मिला नया आयाम

पुस्तकालय को उपयोगी और समृद्ध बनाने के लिए अरिहंत पब्लिकेशंस द्वारा पुस्तकों का सहयोग/दान भी किया गया। पुस्तकों की उपलब्धता से बच्चों के लिए पठन-पाठन की सामग्री सुनिश्चित हुई और पुस्तकालय को अधिक उपयोगी बनाने में जनभागीदारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जिस बच्ची ने मांग रखी, उसी के हाथों हुआ लोकार्पण

इस पहल की खास बात यह रही कि जिस बालिका खुशबू ने गांव में पुस्तकालय की मांग रखी थी, उसी के हाथों नव निर्मित पुस्तकालय का लोकार्पण कराया गया। इससे बच्चों में अपने गांव के विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व, सहभागिता और विश्वास की भावना को बढ़ावा देने का संदेश मिला।

शिकायत बनी समाधान की मिसाल

जन विश्वास अभियान के तहत सामने आई इस पहल ने यह दर्शाया कि नागरिकों की मांगों को प्राथमिकता और समयबद्धता के साथ लिया जाए तो शिकायतें ठोस समाधान में बदली जा सकती हैं। एक माह के भीतर पुस्तकालय का निर्माण, पुस्तकों का सहयोग और मांग रखने वाली बालिका के हाथों लोकार्पण—पूरी प्रक्रिया ने जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत किया।

जन विश्वास अभियान का संदेश स्पष्ट है—शिकायत केवल सुनी नहीं गई, बल्कि एक माह में समाधान बनकर सामने आई और उस समाधान का उद्घाटन उसी बच्ची ने किया, जिसने इसकी मांग रखी थी।