ओडिशा के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स दल ने किया भोपाल की आधुनिक अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं का अवलोकन

भोपाल : 

‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अंतर्गत आयोजित अंतरराज्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एक्सचेंज कार्यक्रम में ओडिशा से आए 28 सदस्यीय दल ने राजधानी भोपाल की आधुनिक अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं का अवलोकन किया। दल को परिवहन अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा, आयुर्वेद चिकित्सा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं और किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास कार्यों, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक धरोहर से अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को परिचित कराना है।

भ्रमण के दौरान दल ने राजा भोज सेतु का अवलोकन कर इसकी केबल-स्टेड तकनीक और संरचना की विशेषताओं को जाना। इसके बाद सदस्यों ने राजा भोज मार्ग से गुजरते हुए भोजताल के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया। इस दौरान दल को राजधानी की आधुनिक अधोसंरचना के साथ झीलों और प्राकृतिक परिवेश को देखने का अवसर मिला।

दल ने टी.टी. नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय का भ्रमण कर आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। अपनी अधोसंरचना एवं विविध सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए राज्य स्तर पर पुरस्कृत इस विद्यालय की प्राचार्या संगीता सक्सेना ने सदस्यों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और सांदीपनि विद्यालयों की विशेषताओं से अवगत कराया।

इसके पश्चात दल ने पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वायत्त आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का भ्रमण किया। प्राचार्य श्री उमेश शुक्ला ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों की जानकारी दी। दल ने पंचकर्म केंद्र का अवलोकन कर पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार, कायाकल्प चिकित्सा और संस्थान में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से जाना।

बुधवार सुबह दल ने भोजताल के किनारे स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया। सदस्यों ने प्राकृतिक परिवेश में वन्यजीवों का अवलोकन किया और राजधानी की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर को देखा।

ओडिशा से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भोपाल की आधुनिक अधोसंरचना, शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय सुविधाओं, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने भ्रमण को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मध्यप्रदेश के विकास कार्यों और राजधानी की विशिष्टताओं को समझने का अवसर मिला।