कभी घर तक सीमित रहने वाली बसंती कश्यप अब बनीं लखपति दीदी

रायपुर: बस्तर जिले के विकासखण्ड बस्तर अन्तर्गत ग्राम पंचायत मुंड़ापाल की बसंती कश्यप ने साबित कर दिखाया है कि अगर सही नीति और दृढ़ संकल्प का साथ मिले, तो सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। कभी घर की चारदीवारी और सामान्य कामकाज तक सीमित रहने वाली बसंती आज क्षेत्र में एक सफल लखपति दीदी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी विजन और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महिला सशक्तिकरण नीतियों को जाता है, जिन्होंने ग्रामीण अंचल की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम किया है।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर विस्तार होने से जब बसंती गांव के महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, तो उन्हें आजीविका संवारने के नए अवसर और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी मिली। समूह के माध्यम से मिले वित्तीय सहयोग और ऋण की मदद से उन्होंने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। सबसे पहले उन्होंने इसके लिए एक व्यवस्थित शेड तैयार करवाया और उन्नत चूजे मंगाकर करीब दो से तीन महीनों तक उनका बेहतर प्रबंधन व पालन-पोषण किया। जब पहली बार मुर्गियों की बिक्री हुई, तो उन्हें उम्मीद से बढ़कर मुनाफा प्राप्त हुआ, जिसने उनके आत्मविश्वास को एक नई मजबूती दी।
इस मुनाफे को सहेजते हुए बसंती ने अपनी आमदनी को दोबारा उसी कारोबार में निवेश किया और पोल्ट्री फार्म का दायरा बढ़ाकर अपनी पारिवारिक आय को कई गुना कर लिया। अपने सपनों को साकार करने के बाद वे अब अपने पारा-मोहल्ले और समाज की अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। बसंती कश्यप की यह सफलता दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साझा प्रयासों से बस्तर के सुदूर अंचलों में मातृशक्ति स्वावलंबन और आर्थिक समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।