दुष्यंत संग्रहालय द्वारा वर्ष 2026 के सम्मानों की घोषणा; 28 से 30 दिसंबर तक होगा स्थापना पर्व का तीन दिवसीय आयोजन

भोपाल :

दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल द्वारा वर्ष 2026 के साहित्यिक सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। संग्रहालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष रामराव वामनकर ने सम्मानित होने वाले साहित्यकारों के नामों की जानकारी दी। संग्रहालय के स्थापना पर्व के अवसर पर 28 से 30 दिसंबर तक तीन दिवसीय आयोजन किया जाएगा। इस दौरान “दुष्यन्त कुमार की साहित्यिक विरासत और इक्कीसवीं सदी का हिन्दी साहित्य” विषय पर शोध संगोष्ठी के साथ अन्य साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अलंकरण एवं सम्मान समारोह आयोजित होंगे।

दुष्यंत अलंकरण एवं सम्मान–2026
वर्ष 2026 के लिए घोषित सम्मानों में राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण  शशांक को प्रदान किया जाएगा। वहीं, सुदीर्घ साहित्य साधना सम्मान  खीमन मूलाणी, आंचलिक भाषा सम्मान  नरेंद्र बहादुर तथा दुष्यंत युवा रचनाकार सम्मान अरुणाभ सौरभ को दिया जाएगा।

स्मृति सम्मान–2026
संग्रहालय द्वारा घोषित स्मृति सम्मानों में कमलेश्वर सम्मान  संतोष श्रीवास्तव, बालकवि बैरागी सम्मान  धर्मेंद्र सोलंकी, विट्ठल भाई पटेल सम्मान मधु शुक्ला, कन्हैयालाल नंदन सम्मान डॉ. रंजना शर्मा तथा शरद जोशी सम्मान डॉ. साधना बलवटे को प्रदान किया जाएगा।

सम्मान निधि भी प्रदान की जाएगी
राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण के साथ 21 हजार रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। सुदीर्घ साहित्य साधना सम्मान एवं आंचलिक भाषा सम्मान के अंतर्गत 11-11 हजार रुपये तथा दुष्यंत युवा रचनाकार सम्मान के अंतर्गत 7 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। स्मृति सम्मानों से सम्मानित होने वाले प्रत्येक रचनाकार को 5 हजार रुपये की सम्मान निधि के साथ शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

स्थापना पर्व में होगी शोध संगोष्ठी
28 से 30 दिसंबर तक आयोजित होने वाले स्थापना पर्व में “दुष्यन्त कुमार की साहित्यिक विरासत और इक्कीसवीं सदी का हिन्दी साहित्य” विषय पर शोध संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। संगोष्ठी में दुष्यन्त कुमार के साहित्यिक अवदान, उनकी रचनात्मक दृष्टि की प्रासंगिकता तथा इक्कीसवीं सदी के हिन्दी साहित्य में उनकी विरासत के प्रभाव और विस्तार पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ साहित्य, भाषा और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े अन्य विषयों पर भी संवाद एवं साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थापना पर्व के दौरान अलंकरण एवं सम्मान समारोह भी होंगे।
दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय साहित्यिक धरोहरों के संरक्षण, साहित्यिक-सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करने तथा विभिन्न पीढ़ियों के रचनाकारों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से निरंतर सक्रिय है। संग्रहालय द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किए जाने वाले ये सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को पहचान देने और साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल हैं।
पत्रकार वार्ता में संग्रहालय की निदेशक करुणा राजुरकर, उपाध्यक्ष मनोज मीक, घनश्याम मैथिल ‘अमृत’, कोषाध्यक्ष रमेश भुमरकर सहित कार्यकारिणी के सदस्य वी. के. श्रीवास्तव, महेश सक्सेना, विशाखा राजुरकर, आशीष राठौर, बिहारी लाल सोनी ‘अनुज’, इंदिरा दांगी, मौसमी परिहार, श्रद्धा यादव, प्रिंस और दृष्टिपाल सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, भोपाल

संपर्क: 9425606251