डेंगू से बचाव के लिए निरंतर संचालित हो रहे जन- जागरूकता अभियान
भोपाल:
जिले में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए नियमित रूप से सर्वेक्षण, लार्वा नियंत्रण एवं अन्य वेक्टर कंट्रोल गतिविधियां की जा रही हैं। जिले में वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम की जानकारी भी दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इस वर्ष लगभग पौने चार लाख घरों और 27 लाख कंटेनर का सर्वे किया गया है। भोपाल में इस साल डेंगू के 156 पॉजिटिव केस मिले हैं। जिले के लगभग डेढ़ दर्जन इलाकों में पिछले 3 सालों में डेंगू केसेस के पैटर्न को देखते हुए विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार फीवर सर्वे, लार्वा सर्वे, लार्वा विनिष्टीकरण, आवश्यक छिड़काव गतिविधियां कर रही हैं।
जिले की पाँचों सेंटिनेल साइट्स निरंतर क्रियाशील रखी गई हैं। इन प्रमुख केंद्रों—अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC), गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (GMC), जयप्रकाश (JP) चिकित्सालय तथा सिविल अस्पताल बैरागढ़ में मरीजों के लिए एलाइजा (ELISA) टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। साथ ही आसपास स्वच्छता बनाए रखने, मच्छरदानी एवं अन्य सुरक्षात्मक उपायों का उपयोग करने तथा बुखार आने पर लापरवाही न बरतते हुए तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाई जाए।

