भगवान धन्वंतरि जयंती पर महाविद्यालय में भव्य आयोजन, प्राचार्य ने ‘सुश्रुत व्याख्यानमाला’ प्रारंभ करने पर दिया जोर
भोपाल:
पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान, भोपाल में भगवान धन्वंतरि जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के ‘प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला सहित वरिष्ठ प्राध्यापकगण, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं चिकित्सालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि का पूजन-अर्चन कर आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा, चिकित्सा ज्ञान एवं लोककल्याण की भावना का स्मरण किया गया। अपने उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का आद्य प्रवर्तक एवं आद्य शल्य चिकित्सक बताते हुए भारतीय शल्य चिकित्सा परंपरा में उनके महत्त्व को रेखांकित किया।
उन्होंने महाविद्यालय में शल्य चिकित्सा के जनक आचार्य सुश्रुत के योगदान एवं शल्य चिकित्सा के सिद्धांतों को विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से ‘सुश्रुत व्याख्यानमाला’ प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अकादमिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में शास्त्रीय ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ आयुर्वेद की गौरवशाली चिकित्सा परंपरा को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्राध्यापकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं चिकित्सालय कर्मियों ने भगवान धन्वंतरि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।
