हार्टीकल्चर क्लस्टर विकास कार्यक्रम पर क्षेत्रीय जागरूकता बैठक बागवानी क्षेत्र को सशक्त करने और किसानों की आय बढ़ाने पर हुआ मंथन
भोपाल :
बागवानी क्षेत्र को सशक्त करने और किसानों की आय बढ़ाने पर हुआ मंथन
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, भारत सरकार के समन्वय से मध्यप्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा “हार्टीकल्चर क्लस्टर विकास कार्यक्रम (CDP)” के अंतर्गत “क्षेत्रीय जागरूकता कार्यक्रम सह हितधारक बैठक” का आयोजन भोपाल स्थित मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम, पंचानन भवन में किया गया।
आयुक्त, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रीति मैथिल ने कहा कि बागवानी क्षेत्र में समग्र विकास, अधोसंरचना विस्तार, बाजार सुविधा, मूल्य संवर्धन एवं किसानों की आमदनी में वृद्धि जैसे उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आयुक्त मैथिल ने प्रदेश से इच्छुक हितधारकों को योजना के अंतर्गत कॉन्सेप्ट नोट एनएचबी पोर्टल पर प्रस्तुत करने के लिये प्रोत्साहित किया और अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की। सभी संबंधित एजेंसियाँ एवं निजी संस्थान इस कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करें जिससे बागवानी क्षेत्र को एक नई दिशा और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, भारत सरकार के उप संचालक रविन्द्र दांगी ने सीडीपी योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत हाई वैल्यू मल्टी कमोडिटी और पेरी अर्बन क्लस्टर्स विकसित किए जाएंगे। इसके लिए एक चिन्हित फोकस फसल होना आवश्यक है और उस फसल का वार्षिक फार्म गेट मूल्य कम से कम 100 करोड़ रुपये होना चाहिए। योजना में वित्तीय सहायता की अधिकतम सीमा फार्म गेट मूल्य के 25 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है।
बैठक में सीडीपी योजना के अंतर्गत आने वाले मुख्य पैरामीटर, फसल चयन, मूल्यांकन मापदंड, क्लस्टर विकास की प्रक्रिया, किसानों की भागीदारी तथा लाभार्थियों की पात्रता पर भी चर्चा की गई। हितधारकों द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
बैठक में भोपाल संभाग से यशोधरा कल्याण, सीडीपी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट से नीरू दुबे, श्री एस.के विधान, मध्यप्रदेश कृषि उद्योग विकास निगम, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ ओर निजी क्षेत्र के अन्य हितधारक ऑनलाईन एवं ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
