विद्युत वितरण कंपनियों की स्थिति में सुधार के लिए अभूतपूर्व कदम
भोपाल : प्रदेश के उन्नत शिक्षण संस्थाओं जैसे IIT, IIM, IIIT, MANIT एवं CPRI से भागीदारी की शुरुआत
मध्यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों एवं केंद्रीय पॉवर रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच अनुसंधान एवं विकास हेतु सहयोगात्मक पहल पर आयोजित सम्मेलन अनुसंधान एवं विकास की अनूठी पहल की गई। सम्मेलन में विद्युत वितरण क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुये इनके समाधान हेतु अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान के समन्वय हेतु नीरज मंडलोई अति. मुख्य सचिव (ऊर्जा) द्वारा मध्य प्रदेश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोगात्मक पहल की परिकल्पना की गयी थी। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मध्यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों, अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों तथा सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के बीच अनुसंधान एवं विकास हेतु सहयोगात्मक पहलों पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन बिजली वितरण क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव, शैक्षणिक ज्ञान और अनुसंधान क्षमताओं को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में एक अहम कदम सिद्ध हुआ है । सम्मेलन में अति. मुख्य सचिव (ऊर्जा) नीरज मंडलोई, एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमि. के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया एवं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षितिज सिंघल की उपस्थिति में वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, सीपीआरआई के विशेषज्ञ, तथा प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुये प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किये ।
सम्मेलन में जिन विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, उनमें तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों का पृथक्करण, वितरण नेटवर्क की योजना एवं ग्रिड स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के इनवर्टर से रिएक्टिव पावर क्षतिपूर्ति, कृषि आधारित पंप लोड एवं मौसमी मांग पूर्वानुमान, क्षति पहचान एवं मांग विश्लेषण हेतु डेटा विश्लेषण तथा आउटेज पूर्वानुमान और परिसंपत्ति प्रबंधन हेतु एआई/एमएल का उपयोग शामिल रहे।
सम्मेलन में राज्य की कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था एवं कम औद्योगिकिकरण जैसी विशेषताओं को रेखांकित करते हुए, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। सम्मेलन में शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु संयुक्त अनुसंधान, फील्ड स्टडी और तकनीकी परियोजनाओं में रुचि जताई है। शीघ्र ही इन पहलों को कार्यान्वित करने के लिए विशेष कार्य समूह गठित किए जाएंगे।
सम्मेलन के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान-साझाकरण और संयुक्त विकास की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे। यह पहल राज्य के ऊर्जा विकास में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

