भोपाल में क्षत्रिय क्रांति महासम्मेलन, 10 सूत्रीय मांगें हुईं घोषित
प्रेस वार्ता में संगठन द्वारा जिन 10 सूत्रीय मांगों की घोषणा की गई, वे इस प्रकार हैं: (1) हरदा प्रकरण में दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। (2) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 20% किया जाए तथा प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन किया जाए। (3) अग्निवीर योजना को समाप्त कर पूर्ववत स्थायी सेना भर्ती प्रणाली बहाल की जाए, जिसमें सभी सुविधाएं पूर्व की तरह दी जाएं। (4) गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा दिया जाए, गौ रक्षा हेतु कठोर कानून बनाए जाएं और गौशालाओं में व्यापक सुधार हो। (5) राजनीतिक भागीदारी में क्षत्रिय समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। (6) किसानों के हित में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिया जाए और फसल नुकसान पर समय पर मुआवजा दिया जाए। (7) देश के इतिहास एवं संस्कृति की रक्षा की जाए, महापुरुषों के अपमान को रोका जाए तथा भोजशाला रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। (8) आरक्षण की समीक्षा की जाए और इसका आधार केवल आर्थिक स्थिति हो ताकि लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिले। (9) एट्रोसिटी एक्ट में सुधार करते हुए उसके दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए और गिरफ्तारी केवल दोष सिद्ध होने पर ही की जाए। (10) मठ-मंदिरों की जमीन मंदिरों के नाम दर्ज की जाए तथा अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि ये मांगें केवल क्षत्रिय समाज की नहीं, बल्कि राष्ट्र, धर्म, किसान, जवान और युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई हैं और यदि सरकार ने समय रहते इन पर विचार नहीं किया, तो समाज सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेगा
बाइट इंदल सिंह राणा प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रिय करणी सेना मध्य प्रदेश
