भोपाल मंडल में ऊर्जा संरक्षण हेतु नवकरणीय ऊर्जा के प्रयोग को प्रोत्साहन

भोपाल:

संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गुना, हरदा, नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन एवं बीना मेमू शेड सहित प्रमुख स्थानों पर सौर ऊर्जा संयंत्र कार्य प्रगति पर

ऊर्जा संरक्षण की दिशा में डीआरएम पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल विधुत इंजीनियर (सामान्य) संजय मनोरिया के नेतृत्व में भोपाल रेल मंडल नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयासरत है। मंडल द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिला है, बल्कि रेलवे को राजस्व बचत का भी लाभ प्राप्त हुआ है।

1. CAPEX मोड पर सौर संयंत्र:
भोपाल मंडल के अंतर्गत 71 स्थानों ( विभिन्न रेस्ट हॉउस, बीना रेलवे हास्पिटल, आरपीएफ बैरक, रनिंग रूम भोपाल एवं इटारसी इत्यादि) पर लगभग 816 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन संयंत्रों से प्रतिमाह लगभग 97,000 यूनिट बिजली उत्पन्न हो रही है, जिससे लगभग 8.73 लाख रूपये मासिक की बचत हो रही है।

2. RESCO मोड पर सौर संयंत्र:
इसके अतिरिक्त मंडल में 7 स्थानों (भोपाल, इटारसी, सांची रेलवे स्टेशन, डीआरएम कार्यालय, विधुत इलेक्ट्रिक शेड एवं डीजल लोको शेड इटारसी तथा इटारसी स्कूल) पर कुल 1.69 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र RESCO मोड पर पहले से संचालित हैं। इनसे प्रतिवर्ष लगभग 24 लाख यूनिट्स बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे मंडल को लगभग 223 लाख वार्षिक बचत हो रही है।

3. नवीन पहल:
भोपाल मंडल ने 8 स्थानों पर नवकरणीय ऊर्जा में बड़ा कदम उठाते हुए संत हिरदाराम नगर, विदिशा, शाजापुर, गुना, हरदा, व्यावरा राजगढ़, नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन एवं बीना मेमू शेड में 1.07 मेगावाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट RESCO मोड पर लगाने हेतु पहल की है वर्तमान में यह कार्य प्रगति पर है। जिसकी लागत 4.5 करोड़ है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख यूनिट्स विद्युत उत्पादन की संभावना है। इन संयंत्रों का संचालन फर्मद्वारा 25 वर्षों के लिए किया जाएगा तथा रेलवे द्वारा उत्पादित यूनिट्स का भुगतान किया जाएगा।

सीनीयर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में इन पहलों से न केवल रेल मंडल की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलेगी, बल्कि सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम भी सिद्ध होगा।