महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भारी कमी से नज़ीराबाद की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़

बैरसिया:

सरकार भले ही ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लाख दावे कर रही हो लेकिन नज़ीराबाद क्षेत्र की जमीनी हकीकत इन दावों की पूरी पोल खोल रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नज़ीराबाद के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों गांवों के उप स्वास्थ्य केंद्रो में वर्षों से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भारी कमी बनी हुई है जिसके कारण गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों की जिंदगी तक दांव पर लगी हुई है।
हालात इतने खराब हैं कि कई गांवों में न तो गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच हो पा रही है और न ही बच्चों का समय पर टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा सीधे ग्रामीण गरीब परिवार भुगत रहे हैं। नज़ीराबाद क्षेत्र के
ग्रामीणों का आरोप है कि वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों को समस्या की पूरी जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। वर्षों से खाली पड़े पदों को भरने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई जिससे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। एक ओर सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाने की बात करती है वहीं दूसरी ओर नज़ीराबाद क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि सरकारी दावे केवल कागजों तक सीमित हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू नहीं की गईं तो क्षेत्रवासियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी