“जीवनधारा शिविर” में थैलेसीमिया मरीजों को एक ही स्थान पर मिली समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ

भोपाल:

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मध्यप्रदेश, गांधी मेडिकल कॉलेज एवं मेदांता फाउंडेशन के समन्वय से थैलेसीमिया के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में “जीवनधारा शिविर” का आयोजन किया गया। शिविर में पंजीयन, आभा आईडी निर्माण, पॉइंट ऑफ केयर जांच, एचएलए टाइपिंग, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं पेंशन कार्ड प्रक्रिया, प्रसव पूर्व परामर्श सहित विभिन्न सेवाएँ एक ही स्थल पर उपलब्ध कराई गईं। इसके लिए कुल 10 सेवा स्टॉल स्थापित किए गए थे।

शिविर में 83 मरीजों का पंजीयन, 69 आभा आईडी निर्माण, 62 मरीजों की एचएलए टाइपिंग, 142 सैंपल कलेक्शन, 109 स्क्रीनिंग जांच, 52 मरीजों को फिजियोथेरेपी सेवाएँ, 24 मरीजों को मनोवैज्ञानिक परामर्श, 66 मरीजों को काउंसलिंग सेवाएँ और 35 मरीजों के यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। साथ ही 18 गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व परामर्श प्रदान किया गया। शिविर में “सिकल थैल मित्र”, एनसीसी कैडेट्स, शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय की छात्राओं, पाथ एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। शिविर में मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता, अधीक्षक, उपसंचालक ब्लड सेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।