कटनी में थमा राजस्व कामकाज, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पटवारी; नामांतरण, सीमांकन और प्रमाण-पत्र सत्यापन प्रभावित
कटनी: मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत कटनी जिले के पटवारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले ही दिन पटवारियों ने अपने शासकीय बस्ते विभाग में जमा कर दिए और विभागीय व्हाट्सऐप समूहों से बाहर निकलते हुए नियमित शासकीय कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया। इस कदम से जिले में राजस्व संबंधी कामकाज पर तत्काल असर दिखाई देने लगा है।
पटवारी संघ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण के लिए शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इस दौरान कई बार ज्ञापन सौंपे गए, सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किए गए और सामूहिक अवकाश लेकर भी अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ऐसे में प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
हड़ताल के चलते नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा-खसरा संबंधी कार्य, फसल गिरदावरी तथा आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्रों के सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगस्त माह से शुरू होने वाले जन विश्वास अभियान पर भी इस हड़ताल का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वेतन विसंगति, पदोन्नति सहित अन्य लंबित मांगों का संतोषजनक समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं, जिससे राजस्व व्यवस्था जल्द सामान्य हो सके।

