डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल परिवहन को नई गति, यात्री रेल सेवाओं के लिए भी बढ़ रही क्षमता
भोपाल :
तेज और विश्व सनीय माल ढुलाई के साथ सड़क यातायात व प्रदूषण कम करने में भी सहायक
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) देश के माल परिवहन तंत्र को अधिक तेज, विश्वसनीय और क्षमता संपन्न बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रेलवे नेटवर्क के लगभग 4 प्रतिशत हिस्से पर 14 प्रतिशत से अधिक रेल माल परिवहन संभालने की क्षमता इसकी उच्च उत्पादकता को दर्शाती है।
समर्पित रेलमार्ग पर मालगाड़ियों के संचालन से पारंपरिक रेलमार्गों पर क्षमता उपलब्ध होती है, जिससे यात्री ट्रेनों के सुचारु संचालन, बेहतर समयपालन और भविष्य में अतिरिक्त यात्री सेवाओं के लिए भी अवसर बढ़ते हैं। वहीं, लंबी दूरी के माल परिवहन को सड़क से विद्युतीकृत रेल नेटवर्क की ओर स्थानांतरित करने से राजमार्गों पर भारी वाहनों का दबाव, डीजल की खपत और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है।
डीएफसी से उद्योगों और व्यापारियों को तेज ट्रांजिट, अधिक माल वहन क्षमता और अधिक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला का लाभ मिलता है। बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनलों से बेहतर संपर्क देश में माल परिवहन को अधिक दक्ष बनाने के साथ आर्थिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को भी गति देता है।

