सेवा संकल्प अभियान : पीएम आवास योजना: पक्की छत मिलने से मुमताज के जीवन में आयी खुशहाली

रायपुर: हर परिवार जो दूसरे के खेतों में परिश्रम करके अपना जीवन यापन करता हो और उसके पास खुद की नाम मात्र के लिए थोड़ी सी भूमि भी हो वह एक पक्के मकान का केवल सपना ही देख सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आवास योजना को लागू कर ऐसे कठिन जीवन संघर्ष वाले लाखों परिवारों के सपनों को भी आकार देने का कार्य किया है। कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम गदबदी में रहने वाली मुमताज बेगम प्रधानमंत्री आवास के पक्के मकान में रहकर अपना सुखमय पारिवारिक जीवन जी रही हैं। कभी कच्चे घर में रहने वाले इस परिवार के पास प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़कर अब अपनी एक अलग सामाजिक पहचान बन गई है। यह परिवार अब अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए मेहनत करने में जुट गया है।

कठिन जीवन से शुरुआत
दूसरे के खेतों में परिश्रम करके जीवन यापन करने वाले मुमताज और उनके पति हैदर जमाल के पास सपने तो थे लेकिन उन्हे पूरा करने का संसाधन नहीं था। पहले गांव में ही एक कच्चे घर पर रहकर अपना जीवन चलाने वाले मुमताज और उनके पति हैदर रोजगार मूलक योजनाओं के हितग्राही थे। किसी तरह से मजदूरी करके और दूसरे के खेतों में काम करके यह परिवार अपनी आजीविका चला रहा था। ऐसे में अपना एक मकान होना उनके लिए दिवा स्वप्न था।

पहले बिहान फिर प्रधानमंत्री आवास से सुधरा जीवन
मुमताज बीते कुछ वर्षों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन बिहान से जुड़ी इससे उनके सामाजिक दायरे में बढ़ोत्तरी हुई और आपसी लेन-देन करते हुए वह थोड़ी आय अर्जित करने लगी। फिर प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस परिवार के लिए ऐसा कार्य कर दिया जिसे इन्होने सपने में भी नहीं सोचा था। विगत वित्तीय वर्ष में इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित किया गया। आवास योजना के तहत मिली आर्थिक मदद से मुमताज और उनके पति हैदर ने परिश्रम से अपना एक सुंदर आशियाना बनाया और अब उनके पास खुद का मकान है।

सामाजिक पहचान बना आवास
मुमताज और उनके पति हैदर ने बताया कि पहले बेघर होने का एक कष्ट उन्हें हमेशा चिंतित रखता था। ऐसे में बच्चों के भविष्य को लेकर भी दोनों पति-पत्नी बेहद परेशान रहते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से मिले पक्के मकान की स्वीकृति और उसके बाद आवास निर्माण पूर्ण हो जाने से उनकी जीवनभर की चिंता एक बार में ही समाप्त हो गई है। अपना घर बन जाने के बाद मुमताज और हैदर अब एक सामाजिक पहचान के साथ सुखमय जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।