आंगन मिलन सेवा के तृतीय दिवस महिलाओं ने साझा किए सफलता के अनुभव, बच्चों को फल-मिठाई का वितरण

भोपाल: 

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन सेवा के तृतीय दिवस सोमवार को परियोजना बाणगंगा के सेक्टर पंचशील स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 749 में ‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ लाभार्थी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभ और इन योजनाओं से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानी साझा की।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण लाभार्थी महिलाओं के अनुभवों पर तैयार की गई वीडियो रही। छह माताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विभागीय योजनाओं ने उनके परिवार और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं कल्याण में किस प्रकार सहयोग प्रदान किया। इन अनुभवों के माध्यम से योजनाओं के जमीनी प्रभाव और उनकी उपयोगिता को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया।

इस अवसर पर माताओं एवं बच्चों को शासन की पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी सरल और सहज बोलचाल की भाषा में दी गई। महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इन योजनाओं से जुड़ सकें।

कार्यक्रम में बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने और उनमें उत्साह बढ़ाने के लिए फलों एवं मिठाई का वितरण किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित इस आयोजन में महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं महिला मोर्चा की सदस्य निधि श्रीवास्तव, राधा सिंगर, कौशल्या रजक, ज्योति यादव एवं हेमलता साहू उपस्थित रहीं। अतिथियों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का नारियल एवं फूलमाला से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर परियोजना अधिकारी अखिलेश चंद्र चतुर्वेदी एवं पर्यवेक्षक सपना साहू भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल सुविधा प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी बन सकता है। ‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ कार्यक्रम में लाभार्थी महिलाओं की अपनी जुबानी सामने आई सफलता की कहानियों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रेरणादायी बना दिया।