प्रदेश में 2000 मेगावाट सौर पार्क व 1000 मेगावाट कंपोजिट ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति
भोपाल: मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश की बिजली मांग की अवधि एक दूसरे की पूरक होने के कारण मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में पूरक आधार पर विद्युत प्रदाय के लिए मध्य प्रदेश में 2000 मेगावाट सौर पार्क व 1000 मेगावाट कंपोजिट ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से दोनों राज्यों को पृथक-पृथक छः महीनों के लिए बिजली उपलब्ध होगी।
कृषि क्षेत्र में होने वाली विद्युत खपत, मध्यप्रदेश की विद्युत खपत का लगभग 41% भाग है। मध्यप्रदेश की जलवायु अनुरूप रबी फसलों के लिए माह अक्टूबर से मार्च के मध्य, कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक विद्युत की मांग रहती है।
नवकरणीय विद्युत उत्पादन परियोजनाओं का संचालन कृषि क्षेत्र में होने वाली विदयुत मांग के अनुरूप किया जाना चाहिए। कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की विद्युत आवश्यकताएँ एक दूसरे की पूरक हैं, अर्थात जिस अवधि में उतर प्रदेश को विद्युत आवश्यकता अधिक होती है (खरीफ माहों), उस अवधि में मध्यप्रदेश की विद्युत मांग कम होती है। इसके विपरीत जिस अवधि में मध्यप्रदेश को विद्युत आवश्यकता अधिक होती है (रबी माहों), उत्तर प्रदेश की विद्युत मांग कम होती है।

