भारत ने बदली रणनीती आपरेशन सिंदूर का बड़ा खुलाशा
क्यों अहम है नूर खान एयरबेस
एक अन्य डिफेंस रिसर्चर ने कहा कि नूर खान एयरबेस पाक के सबसे अहम सैन्य ठिकानों में से एक है, क्योंकि यह सेना का सेंट्रल ट्रांसपोर्ट सेंटर है. यह बेस रणनीतिक प्लानिंग डिवीजन के भी करीब है, जो देश के 170 परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार यूनिट है.पाक आर्मी का मुख्यालय और जॉइंट स्टाफ हेडक्वार्टर भी नूर सुल्तान के करीब रावलपिंडी में स्थित है.
अखबार की ओर से बताया गया कि सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में पाक वायुसेना के भोलारी और शाहबाज एयरबेस की इमारतों को भारी नुकसान दिखाया गया है.भोलारी एयरबेस में एक हैंगर की छत में लगभग 60 फीट चौड़ा छेद दिखाई देता है, एक्सपर्ट के मुताबिक यह मिसाइल अटैक की वजह से हुआ होगा. एयरबेस पर बाहर फुटपाथ और दीवार पर मलबा बिखरा हुआ था.
सैटेलाइट तस्वीरों में खुली पोल
भोलारी हैंगर में आमतौर पर साब 2000 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम विमान रखा जाता है. सैन्य रिसर्चर के मुताबिक इस सर्विलांस प्लेन की कीमत करोड़ों डॉलर है. हालांकि यह साफ नहीं है कि क्या हमले के वक्त विमान हैंगर में था. मुख्य तौर पर सेना की तरफ से इस्तेमाल किए जाने वाले शाहबाज एयरबेस पर भी सैटेलाइट तस्वीरों में बड़ा छेद दिखाई दिया. यहां 100 फीट से ज़्यादा चौड़े हैंगर और एक कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा है.
पाक सेना ने बुधवार को बताया कि भोलारी में वायुसेना के पांच सदस्य और मुशफ में एक सदस्य मारा गया. पाक के अंग्रेजी अखबार डॉन ने खबर दी है कि शेख जायद हवाई अड्डे के रॉयल लाउंज की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है. संयुक्त अरब अमीरात के दिवंगत संस्थापक के नाम पर इस एयरबोर्ट का नाम रखा गया था…
रिपोर्ट के मुताबिक एक साथ पाक में इतने सारे सैन्य ठिकानों पर हमला करना भारत की रणनीति में हुए बड़े बदलाव को दर्शाता हैइससे पहले भारत ने अपने हवाई अभियान को पीओके या पाक के दूरदराज के हिस्सों तक ही सीमित रखा था. अब भारत ने आतंकवादी हमलों पर मजबूत जवाबी कार्रवाई कर पाक को सबक सिखाने का नजरिया अपनाया है.
