औचक निरीक्षण में एक्शन मोड में दिखीं निगमायुक्त: कचरा वाहन तक की खुद जांच, ऑन-द-स्पॉट फैसलों से सख्त संदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में सफाई, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा
कटनी:
शहर की सफाई व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शुक्रवार सुबह निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने वार्ड क्रमांक 17, पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में औचक निरीक्षण कर न सिर्फ व्यवस्थाओं की हकीकत देखी, बल्कि मौके पर ही सख्त निर्देश देकर जिम्मेदार अमले को स्पष्ट संदेश दे दिया—“अधिकारी हो तो ऐसा, जो फील्ड में उतरकर फैसला ले।”
दुबे कॉलोनी, तुलसी नगर अपार्टमेंट, गोपाल नगर मोड़ सहित कई क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करते हुए निगमायुक्त ने सफाई, कचरा प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय रहवासियों से सीधे संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
सबसे खास बात यह रही कि निगमायुक्त ने कचरा वाहन में संग्रहित गीले और सूखे कचरे की खुद जांच की। उन्होंने कचरे के पृथक्करण की स्थिति देखी और साफ शब्दों में कहा कि “स्रोत पर कचरे का सही पृथक्करण ही स्वच्छ शहर की असली नींव है।” उन्होंने कर्मचारियों को घर-घर जाकर नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने अपार्टमेंट्स में इनके गठन पर जोर दिया। उनका कहना था कि यदि हर मोहल्ला और अपार्टमेंट खुद जिम्मेदारी ले, तो शहर की तस्वीर तेजी से बदल सकती है।
मानसून को ध्यान में रखते हुए निगमायुक्त ने बड़े और छोटे नालों की समय से सफाई के निर्देश दिए, ताकि बारिश में जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके। सोमनाथ मंदिर मार्ग पर सोक पिट निर्माण और सन्यासी बाबा मंदिर मार्ग पर क्षतिग्रस्त नाली की मरम्मत के लिए भी तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।
हालांकि इस सख्त और सक्रिय कार्यशैली के बीच शहर में एक बड़ा सवाल भी उठ रहा है—जब सफाई व्यवस्था पर इतनी गंभीरता दिखाई जा रही है, तो फिर शहर में तेजी से फैल रही अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई होगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों और प्लाटिंग के कारण न केवल शहर की प्लानिंग बिगड़ रही है, बल्कि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ेगा।
निगमायुक्त की इस कार्रवाई ने जहां एक ओर निगम अमले में हड़कंप मचा दिया है, वहीं आम नागरिकों में यह उम्मीद भी जगी है कि अगर इसी तरह ऑन-द-स्पॉट फैसले लिए जाते रहे, तो शहर की व्यवस्था में बड़ा सुधार संभव है। अब देखना यह होगा कि सफाई के साथ-साथ अवैध प्लाटिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर भी कब कड़ा एक्शन लिया जाता है।

