कटनी में शराब माफिया की गुंडागर्दी: फौजी को घसीट-घसीटकर पीटा, पुलिस पर संरक्षण के आरोप

कटनी:

रेलवे स्टेशन के पास स्थित शराब दुकान पर हुई मारपीट की घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह कुछ कर्मचारी एक फौजी यात्री को सरेआम घसीटते हुए मारपीट कर रहे हैं, और आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने हुए हैं।
बताया जा रहा है कि किसी मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। देखते ही देखते शराब दुकान के कर्मचारियों ने अपना आपा खो दिया और फौजी के साथ हाथापाई शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि बीच सड़क पर ही फौजी को गिराकर पीटा गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर इसे “शराब माफिया की खुली गुंडागर्दी” बताया जा रहा है, जहां कानून का डर पूरी तरह खत्म नजर आता है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्रवाई संदिग्ध रही। आरोप है कि पुलिस ने हमलावरों पर सख्त कदम उठाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की और पीड़ित फौजी को ही वहां से हटा दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक फौजी—जो देश की सुरक्षा करता है—वह भी शहर में सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जनता के सवाल, प्रशासन मौन
वायरल वीडियो के बाद अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
क्या शराब ठेकेदारों के दबाव में पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की?
खुलेआम मारपीट करने वाले कर्मचारियों पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या कानून का डर खत्म हो चुका है?
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या शहर में कानून का राज है या फिर रसूखदारों की मनमानी चल रही है। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।